दिल्ली के Ramlila मैदान में रविवार को SSC (स्टाफ सेलेक्शन कमीशन) के अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने 'छात्र महा आंदोलन' के तहत जमकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का उद्देश्य हाल ही में संपन्न हुए SSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को उजागर करना था. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जहां कई लोगों का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल का प्रयोग किया.

प्रदर्शन मुख्य रूप से SSC Selection Post Phase 13 परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को लेकर हुआ, जो 24 जुलाई से 1 अगस्त के बीच आयोजित की गई थी. अभ्यर्थियों ने परीक्षा अचानक रद्द करने, तकनीकी गड़बड़ी, बायोमेट्रिक फेलियर और परीक्षा केंद्रों पर खराब प्रबंधन जैसी समस्याओं का आरोप लगाया. कई छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बावजूद उनकी भविष्य योजनाएँ प्रशासनिक चूक के कारण खतरे में हैं.

परीक्षा प्रबंधन में Eduquity Career Technologies की भूमिका पर सवाल

प्रदर्शनकारियों और शिक्षकों का आरोप है कि नई परीक्षा एजेंसी Eduquity Career Technologies के पास उचित इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था. परीक्षा केंद्रों का गलत आवंटन, तकनीकी समस्याएँ और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए लॉजिस्टिक कठिनाइयाँ प्रमुख मुद्दे बने. शिक्षक और छात्र समूह इसे केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि प्रणालीगत लापरवाही मान रहे हैं.

लगातार बढ़ती असंतोष और सोशल मीडिया पर #SSCMisManagement

पिछले वर्षों में प्रश्न पत्रों में त्रुटि, उत्तर कुंजी में गड़बड़ी, परिणाम घोषित करने में देरी और शिकायत निवारण की कमी ने SSC पर छात्रों का विश्वास कमजोर किया है. ट्विटर और X पर #SSCMisManagement ट्रेंड कर रहा है, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने अपनी आवाज़ बुलंद की है.

Ramlila मैदान में पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 1,500 लोग प्रदर्शन में शामिल हुए, और अनुमत समय समाप्त होने के बाद 44 लोगों को हिरासत में लिया गया. प्रदर्शनकारियों ने इन गिरफ्तारीयों को गैरकानूनी करार देते हुए अधिकारियों पर विरोध दबाने का आरोप लगाया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज की घटनाएँ दिखाई गई हैं.

केंद्रीय मंत्री ने की कुछ मांगें मानी

इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों से मुलाकात की और कुछ मांगें मान लीं, जैसे कि चैलेंज फीस लौटाना और प्रभावित उम्मीदवारों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित करना. हालांकि, एजेंसी की जवाबदेही और प्रणालीगत सुधार जैसे बड़े मुद्दे अभी भी लंबित हैं.

SSC पर बढ़ा ध्यान, मांगें पारदर्शिता और सुधार की

अभ्यर्थियों और छात्र समूहों ने तत्काल जांच, परीक्षा एजेंसी का परिवर्तन और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है. सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन के साथ, यह प्रदर्शन SSC की कार्यप्रणाली और लाखों उम्मीदवारों के भविष्य पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.