दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान नोटिस मिलने के बाद लोगों की परेशानियों के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला मटिया महल विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है, जहां बुशरा सुल्तान को SIR से जुड़े नोटिस का जवाब देने के लिए कनाडा से दिल्ली आना पड़ा. उनका कहना है कि वह वैंकूवर में अपनी बीमार बेटी के पास थीं, लेकिन नोटिस की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें दिल्ली आना पड़ा. इस यात्रा में उन्हें करीब 1.5 लाख रुपये खर्च करने पड़े.

बुशरा का कहना है कि उन्होंने SIR के दौरान जरूरी फॉर्म जमा कर दिया था और उनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में भी शामिल हो गया था. इसके बाद 22 सितंबर को उन्हें नाम में गलती से जुड़ा नोटिस मिला. उन्होंने स्थानीय BLO से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि फोटो अपलोड करने के लिए मौके पर उनकी मौजूदगी जरूरी है. उन्होंने अपनी परेशानी BLA-2 के जरिए अधिकारियों तक भी पहुंचाई, लेकिन उनके मुताबिक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी. आखिरकार उन्हें कनाडा से दिल्ली आना पड़ा.

कहां की रहने वाली हैं बुशरा सुल्तान?

बुशरा सुल्तान मटिया महल विधानसभा क्षेत्र के पार्ट नंबर 5 की मतदाता हैं. SIR के दौरान उन्होंने एन्युमरेशन फॉर्म जमा किया था. इसके बाद उनका नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल हो गया था. इसके बाद 22 सितंबर को उन्हें उनके नाम में त्रुटि को लेकर नोटिस मिला. नोटिस मिलने के बाद उन्होंने BLO से संपर्क किया. बुशरा के अनुसार, BLO ने उनसे कहा कि फोटो अपलोड करने के लिए उन्हें मौके पर मौजूद रहना होगा.

बुशरा उस समय कनाडा के वैंकूवर में अपनी बीमार बेटी के पास थीं. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी स्थिति के बारे में BLA-2 के माध्यम से अधिकारियों को जानकारी दी, लेकिन उन्हें कोई दूसरा विकल्प नहीं मिला. इसके बाद उन्हें दिल्ली आने का फैसला करना पड़ा.

ऑनलाइन सुनवाई का विकल्प होने का दावा

इस मामले में एक अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि जब SIR से जुड़ी प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, तो बुशरा को दिल्ली आने की जरूरत क्यों पड़ी. चुनाव आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर SIR के तहत नोटिस के जवाब में दस्तावेज जमा करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है. पोर्टल पर “Submit Document Against Notice issued” का विकल्प भी दिया गया है.

बुशरा ने क्या कहा?

बुशरा का कहना है कि अगर उन्हें समय रहते ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिल जाती या कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाती, तो उन्हें कनाडा से दिल्ली आने की जरूरत नहीं पड़ती और उनका काफी खर्च बच सकता था.

अधिकारी ने क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मटिया महल विधानसभा के AERO प्रदीप कुमार ने कहा कि उन्हें बुशरा के मामले की जानकारी नहीं दी गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कहना है कि वह रोजाना BLO के साथ बैठक करते हैं और अगर उन्हें समय रहते इस मामले की जानकारी दी जाती तो दूसरी व्यवस्था की जा सकती थी.

SIR में अब तक आए कितने आवेदन?

दिल्ली में चल रहे SIR के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए 5 अक्टूबर तक Form-6 के कुल 4,06,990 आवेदन मिले हैं. इनमें 31 अगस्त से 5 अक्टूबर के बीच 1,94,590 आवेदन प्राप्त हुए हैं. CEO कार्यालय के अनुसार, 5 अक्टूबर तक विदेश में रहने वाले मतदाताओं से जुड़े Form-6A के 363 आवेदन भी मिले हैं. Form-6 नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि Form-6A विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों यानी overseas electors के लिए है. चुनाव आयोग के पोर्टल पर भी Form-6 और Form-6A के लिए अलग-अलग आवेदन सुविधा उपलब्ध है.