दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक चार मंजिला रिहायशी इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. हादसे के बाद से मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है. यह घटना ईदगाह मछली मंडी के पास हुई. मलबे में किसी और के फंसे होने की आशंका को देखते हुए कई एजेंसियों की टीमें लगातार तलाश और बचाव अभियान चला रही हैं.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट (DM) अजय कुमार के मुताबिक, यह चार मंजिला इमारत बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे अचानक ढह गई. यह इमारत करीब 22 से 25 वर्ग गज के क्षेत्र में बनी हुई थी. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया.

शुरुआत में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी, जिनमें दो बच्चे शामिल थे. वहीं, आठ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया था. इसके बाद मलबे से एक और शव बरामद किया गया, जिससे मृतकों की संख्या चार हो गई. अब मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. मरने वालों में एक गर्भवती महिला भी बबै.

हादसे में कौन-कौन घायल?

हादसे में मलबे से निकाले गए आठ घायलों को इलाज के लिए ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया.

घायलों की पहचान इस तरह हुई है:

  • मोमिन मिर्जा, 56 साल
  • 3 साल का एक बच्चा
  • अब्दुल रहमान, 28 साल
  • देवुरुद्दीन, 28 साल
  • सलमा, 50 साल
  • छोटे, 34 साल
  • सकीना, 35 साल
  • समद, 30 साल

वहीं, पहले जिन मृतकों की जानकारी सामने आई थी, उनमें करीब 12 साल की एक लड़की भी शामिल थी. उसकी पहचान अभी नहीं हो पाई थी.एक अन्य मृतक की पहचान 21 साल की गुलफशा के रूप में हुई है. वह करीब चार महीने की गर्भवती थीं. एक अन्य मृत बच्चे की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

क्या अभी भी मलबे में फंसे लोग?

हादसे के बाद मौके पर बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है. एंबुलेंस, दिल्ली फायर सर्विस, नगर निगम दिल्ली (MCD) और अन्य एजेंसियों के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं. शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना दोपहर 3:40 बजे मिली थी. उन्होंने बताया कि यह चार मंजिला इमारत थी और इसका क्षेत्रफल करीब 25 वर्ग गज था.

पुलिस ने क्या कहा?

डीसीपी के मुताबिक, अब तक सात लोगों को बचाया गया था और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई. उन्होंने कहा कि बचाव अभियान लगातार जारी है और मौके पर सभी संबंधित एजेंसियां मौजूद हैं. एंबुलेंस और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें भी तैनात हैं. MCD अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट भी घटनास्थल पर मौजूद हैं.

कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की बात

सीनियर फायर ऑफिसर मनीष कुमार ने बताया कि फायर सर्विस के कंट्रोल रूम को दोपहर करीब 3:30 बजे घटना की जानकारी मिली थी. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की बात सामने आई है और बचाव अभियान जारी है. जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने दावा किया कि पास की एक इमारत में तोड़फोड़ या उसे गिराने का काम चल रहा था. उनके मुताबिक, वहां इस्तेमाल की गई मशीनों से कंपन पैदा हुई होगी, जिसका असर गिरी हुई इमारत पर पड़ा हो सकता है.

कैसे गिरी इमारत?

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पास की इमारत में तोड़फोड़ का काम चल रहा था और संभव है कि मशीनों से पैदा हुए कंपन की वजह से इस इमारत पर असर पड़ा हो और यह गिर गई हो. उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के समय इमारत के अंदर करीब सात से आठ लोग मौजूद थे और दो से तीन लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है.

कई एजेंसियां बचाव अभियान में जुटीं

बचाव अभियान में दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), MCD, CATS और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें शामिल हैं. मौके पर मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों की तलाश का काम लगातार चल रहा है. एंबुलेंस और अन्य राहत संसाधनों को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्या दिए निर्देश?

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से कहा गया है कि घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान जारी है. मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को आपस में बेहतर तालमेल के साथ काम करने, बचाव अभियान में तेजी लाने और प्रभावित लोगों को जरूरी मदद और देखभाल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.