हाईवे पर मदद मांगती है महिला, गाड़ी रोकते ही हो जाता है खेल...बिहार में 'हसीना गैंग' का खौफ, ऐसे उठाते हैं कानून का फायदा

बिहार के मुजफ्फरपुर में 'हसीना गैंग' एक बार फिर सक्रिय हो गया है. आरोप है कि हाईवे पर नकाबपोश महिला मदद के बहाने बाइक सवारों को रुकवाती है और फिर उसके साथी हथियार के बल पर लूटपाट करते हैं. जानिए पूरा मामला.

Edited By :  समी सिद्दीकी
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बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बार फिर 'हसीना गैंग' का खौफ देखने को मिल रहा है. कांटी थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड इलाके से गुजरने वाले हाईवे पर यह गिरोह देर रात राहगीरों को अपना निशाना बना रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से रात 10 बजे से लेकर तड़के 2 बजे तक गिरोह के सदस्य सड़क किनारे सक्रिय दिखाई दे रहे हैं. इससे इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों में डर का माहौल है.

पीड़ितों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, गिरोह का तरीका बेहद शातिर है. पहले एक महिला राहगीरों को अपने जाल में फंसाती है और जैसे ही कोई उसकी बातों में आकर रुकता है, उसके साथी अचानक सामने आ जाते हैं. इसके बाद हथियार के दम पर लूटपाट की जाती है और बदमाश मौके से फरार हो जाते हैं.

कैसे लोगों को फंसाता है 'हसीना गैंग'?

स्थानीय लोगों का कहना है कि गिरोह की एक महिला सदस्य अच्छे कपड़े पहनकर रोड पर खड़ी हो जाती है. ज्यादातर उसके चेहरे पर नकाब होता है और वह हाईवे किनारे खड़ी रहती है. उसके साथी आसपास की गलियों में छिपे रहते हैं या बाइक से लगातार इलाके की निगरानी करते रहते हैं. जैसे ही कोई बाइक सवार वहां से गुजरता है, महिला मदद मांगने या किसी अन्य बहाने से उसे रुकने का इशारा करती है. कई लोग इंसानियत के नाते बाइक रोक देते हैं.

इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे नकाबपोश बदमाश बाहर निकल आते हैं और बाइक सवार को चारों तरफ से घेर लेते हैं. इसके बाद हथियार दिखाकर नकदी, मोबाइल फोन, आभूषण और अन्य कीमती सामान लूट लिया जाता है. वारदात के तुरंत बाद आरोपी फरार हो जाते हैं.

कैसे कानूव का फायदा उठा रहे बदमाश?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका कांटी और ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र की सीमा पर पड़ता है. इसी वजह से बदमाश दोनों थाना क्षेत्रों की सीमा का फायदा उठाकर आसानी से फरार हो जाते हैं. राहगीरों का आरोप है कि कई बार पुलिस को गिरोह की सक्रियता की जानकारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद इलाके में नियमित गश्त नहीं हो रही है.

लोगों के मुताबिक, पहले चांदनी चौक पर ब्रह्मपुरा थाने की गश्ती गाड़ी तैनात रहती थी और कांटी पुलिस भी लगातार पेट्रोलिंग करती थी. लेकिन पिछले कई महीनों से इलाके में पुलिस की गश्त काफी कम हो गई है.

क्या पहले भी ऐसे हो चुकी है ऐसी वारदात?

स्थानीय लोगों ने बताया कि नवंबर 2025 में हाउसिंग बोर्ड के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाइक सवार मोहम्मद इरफान से 15 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन लूट लिया गया था. पीड़ित ने कांटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने पुलिस को बताया था कि वह शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए खाना लेकर जा रहे थे. रास्ते में एक महिला ने उन्हें रुकने का इशारा किया. जैसे ही उन्होंने बाइक रोकी, बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और लूटपाट कर फरार हो गए.

- सितंबर 2025 में हाउसिंग बोर्ड से चांदनी चौक के बीच किराना दुकानदार मनोहर कुमार के साथ भी ऐसी ही घटना हुई थी.

- अगस्त 2024 में अपने कार्यालय से घर लौट रहे देव कुमार से बाइक और मोबाइल फोन लूट लिया गया था.

- जनवरी 2024 में कांटी से लौट रहे एक फाइनेंस कर्मी से एक महिला ने लिफ्ट मांगी थी. जैसे ही उन्होंने बाइक रोकी, महिला के साथियों ने उन्हें घेर लिया और लूटपाट कर फरार हो गए.

स्थानीय लोगों का कहना है कि चांदनी चौक से दरभंगा मोड़ के बीच भी छिनतई और लूट की कई घटनाएं हो चुकी हैं. उनका आरोप है कि शुरुआती जांच के बाद अधिकांश मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. यही वजह है कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और हाईवे से गुजरने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

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