Exclusive: असम चुनाव में GenZ की एंट्री! लंदन रिटर्न Kunki Chowdhury सिस्टम पर क्यों बरस पड़ीं?
गुवाहाटी सेंट्रल सीट से GenZ 27 साल की युवा उम्मीदवार Kunki Chowdhury अचानक सुर्खियों में आ गई हैं. लंदन से पढ़ाई पूरी कर भारत लौटी कूंकी अब राजनीति के मैदान में उतरकर खुद को एक नए दौर की आवाज़ के तौर पर पेश कर रही हैं.
असम में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, सियासी तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है.इस बीच गुवाहाटी सेंट्रल सीट से GenZ 27 साल की युवा उम्मीदवार Kunki Chowdhury अचानक सुर्खियों में आ गई हैं. लंदन से पढ़ाई पूरी कर भारत लौटी कूंकी अब राजनीति के मैदान में उतरकर खुद को एक नए दौर की आवाज़ के तौर पर पेश कर रही हैं.
युवा चेहरा GenZ सोच और सिस्टम बदलने का दावा. इन तीनों के दम पर कूंकी चौधरी चुनावी चर्चा का केंद्र बन गई हैं. हालांकि, उनके खिलाफ उठ रहे आरोप भी कम नहीं हैं, लेकिन Kunki Chowdhury का कहना साफ है कि 'अफवाहों पर नहीं, काम पर भरोसा रखती हूं.' स्टेट मिरर के संवाददाता हीरक ज्योति डेका ने खास उनसे खास बातचीत की है तो आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा?
सवाल- क्या आपको आपके पिता की वजह से टिकट मिला है, इसे ‘बर्थडे गिफ्ट’ भी कहा जा रहा है?
जवाब- मैं ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देती, मैं अपने काम पर फोकस करती हूं.
सवाल- आप पर आरोप लगता है कि आप MLA बनकर लंदन भाग जाएंगी?
जवाब- मैं यहां की जिम्मेदारी समझती हूं और लोगों के बीच रहकर काम करने आई हूं. मैं ये बोलना चाहती हूं कि मैंने अंडर ग्रेजुएशन कंप्लीट किया था फिर मैं 5 साल यहां पर अपने फैमिली के नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन में काम कर रही थी सिर्फ एक साल के लिए गई थी लास्ट ईयर वो भी मास्टर्स करने और वो भी मैं वापस आकर सिंतबर में मैंने रिजॉइन किया तो मैं कहीं भाग नहीं रही हूं. मैं इधर ही हूं लोगों के लिए काम.
सवाल- क्या आप GenZ होने का फायदा उठा रही हैं?
जवाब- हां GenZ एक बहुत ही बड़ा फैक्टर है. अभी हम लोग जो यूथ हैं उनको निकलकर आना चाहिए. हमको आना चाहिए सिस्टम में तभी बदलाव आ सकता है. नए हम लोगों के पास नए आइडियाज हैं. इनोवेटिव आइडियाज हैं. हम लोग के पास नई शक्ति और एनर्जी है, जिससे हम लोगों के लिए काम कर सकते हैं.मैं मन से अपना कमिटमेंट देकर आई हूं. यहां पर लोगों के लिए काम करूंगी. यहां मैं कोई राजनीति करने नहीं आई हूं. मैं GenZ टैग का इस्तेमाल नहीं कर रही. सिस्टम से फ्रस्टेट होकर और बदलाव की चाह ने मुझे राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया है.
सवाल- आपके राजनीति में आने की असली वजह क्या है?
जवाब- मैंने राजनीति को सिर्फ करियर नहीं, बल्कि बदलाव का माध्यम चुना है. System में जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने और एक नई सोच लाने के लिए मैंने यह रास्ता चुना.
सवाल: अगले पांच साल में गुवाहाटी को आप कहां देखना चाहेंगे?
जवाब: बहुत बेहतर देखना चाहती हूं. परिवर्तन लाना चाहती हूं और मुझे लगता है कि हम सभी लोग एकजुट होकर इस स्टेट को और भी बेहतर बना सकते हैं.
क्या कूंकी चौधरी बन सकती हैं मजबूत दावेदार?
यह इंटरव्यू एक ऐसे युवा चेहरे की तस्वीर पेश करता है जो आलोचनाओं से घबराने के बजाय सीधे जवाब देना पसंद करता है. कूंकी खुद को एक गंभीर दावेदार के रूप में पेश कर रही हैं और GenZ की सोच को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती हैं. अब देखना होगा कि गुवाहाटी सेंट्रल की जनता इस नई सोच को कितना स्वीकार करती है और क्या कूंकी चौधरी वाकई चुनावी मैदान में बड़ा उलटफेर कर पाती हैं.
कौन हैं Kunki Chowdhury और क्यों हो रही है चर्चा?
गुवाहाटी सेंट्रल विधानसभा सीट, जहां करीब 1.91 लाख वोटर्स हैं और बड़ी संख्या में गैर-असमिया भाषी मतदाता भी हैं, वहां से कूंकी चौधरी चुनाव मैदान में हैं. 27 साल की उम्र में उनका राजनीति में कदम रखना उन्हें बाकी उम्मीदवारों से अलग बनाता है. लंदन से पढ़ाई पूरी कर लौटने के बाद उन्होंने सीधे राजनीति में एंट्री ली, जिससे उन्हें 'युवा बदलाव' के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है.
गुवाहाटी सेंट्रल सीट से Assam Jatiya Parishad (AJP) की उम्मीदवार हैं और कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा हैं. कुंकी चौधरी ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया और इसके बाद लंदन के University College London से एजुकेशनल लीडरशिप में मास्टर्स डिग्री हासिल की. पढ़ाई के साथ-साथ वे पिछले 5-6 सालों से अपने परिवार द्वारा संचालित NGO के जरिए असम में शिक्षा और सामाजिक सेवा से जुड़ी रहीं. गुवाहाटी सेंट्रल सीट कुंकी चौधरी का मुकाबला भाजपा के अनुभवी नेता Vijay Kumar Gupta से है, जो लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं.
रिपोर्ट---गुवाहाटी से हीरक ज्योति डेका