5 साल की उम्र में खोया एक हाथ, आज CWG 2026 में भारत के लिए जीता गोल्ड मेडल, कौन हैं दिलीप गावित?
पैरा एथलेटिक्स में भारत के दिलीप गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 फाइनल में पहला स्थान हासिल करके गोल्ड मेडल जीता है. उन्होंने अपने सीजन का बेस्ट प्रदर्शन करके ये उपलब्धि हासिल की.
Dilip Gavit Gold Medal T47 100m Final
(Image Source: X/ @airnewsalerts )Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीटो के साथ पैरा एथलीटो का भी शानदार प्रदर्शन जारी है. पैरा एथलेटिक्स में भारत ने नया इतिहास रच दिया है. पुरुषों की 100 मीटर टी47 फाइनल स्पर्धा में भारत ने पहला और दूसरा दोनों स्थान अपने नाम कर दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया. दिलीप महादु गावित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद बेसिल मोरसिंगनाकाथ ने रजत पदक पर कब्जा जमाया.
दिलीप गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालते हुए न केवल गोल्ड मेडल अपने नाम किया, बल्कि गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया. यह उनके सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा. वहीं मोहम्मद बेसिल ने 10.83 सेकंड के समय के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ सीजन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता. इंग्लैंड के केविन सैंटोस 10.85 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य पदक हासिल किया.
कितने हुए भारत के मेडल?
दिलीप गावित के गोल्ड और मोहम्मद बेसिल के सिल्वर मेडल के साथ भारत के खाते में अब कुल तीन स्वर्ण, नौ रजत और तीन कांस्य पदक हो गए हैं. इन उपलब्धियों की बदौलत भारत पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया है. इससे पहले भारत के लिए महिलाओं के 48 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता था. वहीं महिलाओं की एफ57 शॉट पुट पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में शर्मिला धनकर ने भी गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था.
कौन हैं दिलीप गावित?
दिलीप महादु गावित का जन्म 21 अप्रैल 2003 को महाराष्ट्र के नासिक के निकट स्थित तोरण डोंगरी गांव में हुआ. उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है. बचपन में जब वह केवल 5-6 साल के थे, तब एक पेड़ से गिरने के कारण उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लग गई. समय पर उचित उपचार नहीं मिलने से घाव में गैंग्रीन फैल गया, जिसके चलते डॉक्टरों को उनकी कोहनी के नीचे से हाथ काटना पड़ा.
एक हाथ खोने के बावजूद दिलीप ने अपने सपनों को नहीं छोड़ा. उनकी प्रतिभा को नासिक स्थित वीके एकेडमी (VDK फाउंडेशन) के कोच वैजनाथ काले ने पहचाना और उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण दिया. शुरुआती दिनों में दिलीप सामान्य (एबल-बॉडी) खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करते थे और अपनी मेहनत के दम पर खेलो इंडिया यूथ गेम्स में भी पदक जीतने में सफल रहे.
पहले कब जीता था मेडल?
दिलीप गावित ने साल 2022 के एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के लिए ऐतिहासिक 100वां पदक दिलाया था. यह उपलब्धि उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई. इसके अलावा पेरिस पैरालंपिक 2024 में दिलीप गावित ने पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाकर देश का प्रतिनिधित्व किया. हालांकि वह फाइनल में आठवें स्थान पर रहे, लेकिन उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है.