Sawan 2026: सावन में शिव को कौन-सी 11 चीजें चढ़ानी चाहिए और कौन-सी नहीं? जानें हर अर्पण का धार्मिक महत्व

सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. इस पवित्र महीने में श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाकर और प्रिय वस्तुएं अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं. शिव पूजा में कुछ चीजें चढ़ाना शुभ माना गया है, जबकि कुछ वस्तुओं को अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है.

 सावन में शिव को कौन-सी 11 चीजें चढ़ानी चाहिए 

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By :  स्टेट मिरर डेस्क
Updated On : 29 July 2026 1:16 PM IST

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इस पूरे महीने में भक्त जलाभिषेक करते हैं, व्रत रखते हैं और भोलेनाथ को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन और पूरी श्रद्धा से की गई शिव पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं. 30 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है.

शिव पूजा में सिर्फ भक्ति ही नहीं, बल्कि सही विधि का पालन करना भी जरूरी माना जाता है. शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजों का भी उल्लेख मिलता है, जिन्हें भगवान शिव को चढ़ाना शुभ माना गया है, जबकि कुछ वस्तुओं को अर्पित करने की मनाही बताई गई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि सावन में भगवान शिव को कौन-सी 11 चीजें चढ़ानी चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए.

सावन में क्यों खास होती है शिव पूजा?

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही वजह है कि सावन के सोमवार और शिवरात्रि पर मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. हालांकि, शिव पूजा केवल श्रद्धा का विषय नहीं है, बल्कि इसमें पूजा की सही विधि और अर्पित की जाने वाली वस्तुओं का भी विशेष महत्व बताया गया है. आइए जानते हैं कि सावन में भगवान शिव को कौन-सी 11 चीजें चढ़ानी चाहिए और किन वस्तुओं को अर्पित करने से बचना चाहिए.

सावन में भगवान शिव को जरूर चढ़ाएं ये 11 चीजें

1. जल

शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करना सबसे जरुरी माना जाता है. मान्यता है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने से मन शांत रहता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.

2. गंगाजल

गंगाजल को सबसे ज्यादा पवित्र माना गया है. मान्यता है कि गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने से मन और आत्मा पवित्र होती है.

3. कच्चा दूध

दूध से अभिषेक करने का अर्थ शीतलता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. इससे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आने की मान्यता है.

4. बेलपत्र

बेलपत्र भगवान शिव को सबसे प्रिय माना जाता है. इसकी तीन पत्तियां ब्रह्मा, विष्णु और महेश या शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक मानी जाती हैं. ध्यान रखें कि बेलपत्र फटा हुआ न हो.

5. धतूरा

समुद्र मंथन के समय निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया था. इसलिए धतूरा, जो विषैला पौधा माना जाता है, उन्हें अर्पित करना शुभ माना जाता है.

6. भांग

भांग भगवान शिव की प्रिय वस्तुओं में मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार,भांग भगवान शिव को प्रिय है, इसलिए सावन में कई भक्त इसे श्रद्धा के साथ अर्पित करते हैं.

7. सफेद चंदन

शिवलिंग पर सफेद चंदन लगाने से मन को शांति मिलती है और पूजा पूर्ण मानी जाती है. इसकी सुगंध वातावरण को भी पवित्र बनाती है.

8. अक्षत (साबुत चावल)

अक्षत का अर्थ है जो टूटा न हो. साबुत चावल अर्पित करना पूर्णता और अखंडता का प्रतीक माना जाता है.

9. सफेद फूल

चमेली, कनेर या सफेद कमल जैसे सुगंधित सफेद फूल भगवान शिव को प्रिय माने जाते हैं. ये पवित्रता और सरलता का प्रतीक हैं.

10. शहद

पंचामृत में शामिल शहद से अभिषेक करने से जीवन में मधुरता और सुख आने की मान्यता है.

11. मौसमी फल

भगवान को ताजे और शुद्ध फल अर्पित करना कृतज्ञता और समर्पण का भाव दर्शाता है. पूजा के बाद इन्हें प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है.

सावन में भगवान शिव को ये चीजें नहीं चढ़ानी चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पत्ते, केतकी का फूल, हल्दी, सिंदूर, कुमकुम, टूटे हुए अक्षत, बासी फूल, सड़े-गले फल और नारियल का पानी सीधे शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि ये वस्तुएं शिव पूजा की परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं, इसलिए इनसे बचने की सलाह दी जाती है.

क्या है पूजा का सबसे बड़ा नियम?

शिव पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा, सच्ची आस्था और शुद्ध मन है. यदि आप विधि-विधान के साथ "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते हुए जलाभिषेक और पूजा करते हैं, तो मान्यता है कि भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

नोट: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. स्टेट मिरर हिंदी इसकी पूर्ण सत्यता या प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है. किसी भी उपाय या जानकारी को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें

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