काले रंग के कपड़े न पहनने से लेकर सोलह श्रृंगार तक, जानें करवा चौथ पर क्या करना शुभ और क्या करने से बचें
29 अक्टबूर को करवा चौथ का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन कई काम करने से बचना चाहिए. इस दिन काले कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता है.
करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस वर्ष करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा. इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ के दिन पूजा-पाठ के साथ आचरण और व्यवहार का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं करवा चौथ के दिन क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए.
करवा चौथ के दिन क्या करें?
- करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले उठकर परंपरा के अनुसार सरगी ग्रहण करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें.
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करें.
- इस दिन सुहागिन महिलाएं अपनी परंपरा और श्रद्धा के अनुसार सोलह श्रृंगार कर सकती हैं. इसे सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.
- शाम को विधि-विधान से पूजा करें और करवा चौथ की कथा सुनें. इसके बाद चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने की परंपरा निभाएं.
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत खोलें. कई जगह महिलाएं पति के हाथों जल ग्रहण करके व्रत का पारण करती हैं.
- अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या सुहाग की सामग्री दान कर सकती हैं.
करवा चौथ के दिन क्या न करें?
- परंपरा के अनुसार, व्रत वाले दिन सुबह समय पर उठकर स्नान और पूजा की तैयारी करनी चाहिए.
- इस दिन किसी से कटु वचन न बोलें और झूठ बोलने या विवाद करने से बचें.
- अपनी इस्तेमाल की हुई सुहाग सामग्री को लेकर प्रचलित पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपराओं का ध्यान रखें.
- कई परंपराओं में करवा चौथ पर लाल, पीले और गुलाबी रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. कुछ महिलाएं इस दिन काले या भूरे रंग के वस्त्र पहनने से परहेज करती हैं.
- इस पावन अवसर पर आपसी प्रेम, सम्मान और मधुर व्यवहार बनाए रखने का प्रयास करें.
- व्रत खोलने के बाद अपनी सेहत और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भोजन करें. परंपरागत रूप से सात्विक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है.