कैसे सुबह नाश्ता छोड़ने की आदत बना रही है पेट का दुश्मन? धीरे-धीरे गंभीर बीमारी की ओर बढ़ता रहता है इंसान

सुबह नाश्ता छोड़ने की आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है और एसिडिटी जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है. जानिए क्यों खाली पेट रहने से पेट में एसिड बढ़ता है और ये आपको किस बीमारी की तरफ ले जा रहा है?

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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Acidity In Morning: अक्सर हम में से कई लोग बिना नाश्ता किए ही घर से निकल जाते हैं और सोचते हैं कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि वजन कम करने में मदद मिलेगी. लेकिन अगर आपको अक्सर सुबह के समय एसिडिटी, पेट फूलना या सीने में जलन की समस्या होती है, तो इसकी बड़ी वजह नाश्ता छोड़ना हो सकता है.

दरअसल, पेट सुबह-सुबह अपने आप एसिड बनाना शुरू कर देता है, क्योंकि शरीर को पहले खाने की उम्मीद होती है. यह प्रक्रिया शरीर की प्राकृतिक दिनचर्या यानी सर्कैडियन रिद्म से जुड़ी होती है. जब समय पर खाना नहीं मिलता, तो यह एसिड खाली पेट में ही जमा होने लगता है और पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है. इसके कारण सीने में जलन, डकार, मतली और मुंह में खट्टापन जैसे लक्षण सामने आते हैं.

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ गीता बिल्ला, जो मुंबई के डॉ एल एच हीरानंदानी अस्पताल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी विभाग की निदेशक हैं, बताती हैं कि उनके अनुभव में ज्यादातर ऐसे मरीज, जिन्हें लंबे समय से एसिडिटी या GERD की समस्या होती है, वे अक्सर नाश्ता छोड़ देते हैं. कुछ लोग सुबह सिर्फ कॉफी पर निर्भर रहते हैं, जबकि कुछ बिना डॉक्टर की सलाह के इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं. इससे पेट लगातार दबाव में रहता है और समस्या बढ़ती जाती है.

क्यों नाश्ता है सबसे जरूरी?

नाश्ता दिन का सबसे जरूरी भोजन माना जाता है क्योंकि यह रातभर बने एसिड को संतुलित करता है. हम सोते समय भी पेट थोड़ी मात्रा में एसिड बनाता रहता है. ऐसे में उठने के 60 से 90 मिनट के भीतर नाश्ता करना जरूरी है, ताकि अतिरिक्त एसिड को नियंत्रित किया जा सके और पाचन तंत्र सही तरीके से काम करे.

कैसे करें नाश्ते का चनाव?

नाश्ते का सही चुनाव भी उतना ही जरूरी है. फाइबर से भरपूर चीजें जैसे ओट्स, केला और साबुत अनाज पेट की परत को सुरक्षित रखते हैं और एसिड बनने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. वहीं खाली पेट मसालेदार खाना, खट्टे जूस या गैस वाले पेय लेने से समस्या और बढ़ सकती है.

हमारे लिए यह बहुत जरूरी है कि हम नाश्ते को दवा की तरह समझें, न कि एक विकल्प की तरह. अगर सुबह ज्यादा भूख नहीं लगती, तो भी कुछ हल्का जरूर खाना चाहिए, जैसे केला या दही-चावल. एसिडिटी सिर्फ एक छोटी समस्या नहीं है. अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह आगे चलकर भोजन नली में सूजन, अल्सर और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है.

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