Weight Loss के लिए सिर्फ भूख ही नहीं रोमांस भी घटा देती हैं ये दवाएं? डॉक्टरों ने बताई सच्चाई
आजकल वजन कम करने के लिए लोग तेजी से नई-नई वेट लॉस दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी बीच एक डॉक्टर के दावे ने चर्चा छेड़ दी है कि कुछ दवाएं सिर्फ भूख ही नहीं घटातीं, बल्कि रोमांटिक इच्छा पर भी असर डाल सकती हैं.
आजकल मोटापा एक आम समस्या बन चुका है और इसे कम करने के लिए लोग तेजी से नई-नई वेट लॉस दवाओं का सहारा लेने लगे हैं. इनमें Ozempic से लेकर glp1 तक शामिल है. खासकर कुछ ऐसी दवाएं, जो भूख कम करके वजन घटाने में मदद करती हैं, इन दिनों काफी ट्रेंड में हैं और दुनियाभर में लाखों लोग इन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं.
इसी बीच एक डॉक्टर के दावे ने नई बहस छेड़ दी है. उनका कहना है कि मोटापा कम करने के लिए ली जाने वाली कुछ दवाएं सिर्फ भूख ही नहीं घटातीं, बल्कि लोगों की रोमांटिक इच्छा या लव फीलिंग्स पर भी असर डाल सकती हैं. हालांकि इस दावे को लेकर डॉक्टरों की राय क्या है और सच्चाई क्या है, इस पर अब चर्चा तेज हो गई है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दावा
यह चर्चा तब शुरू हुई जब डॉ. शिन गिऑन-यंग (PhD) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने लिखा कि Ozempic और Tirzepatide जैसी वेट लॉस दवाएं सिर्फ भूख कम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये दिमाग के उन हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती हैं जो इंसान की इच्छाओं और मोटिवेशन से जुड़े होते हैं. इसके आगे उन्होंने कहा कि पहले माना जाता था कि GLP-1 दवाएं केवल खाने की क्रेविंग कम करती हैं. लेकिन कुछ नई रिसर्च से साइन मिले हैं कि ये दवाएं शराब पीने की इच्छा, ड्रग्स की लत और जुआ खेलने जैसी आदतों को भी कम करने में मदद कर सकती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि दिमाग के कुछ वही हिस्से, जो भूख और रिवार्ड सिस्टम से जुड़े होते हैं, वही प्यार में पड़ने या किसी के लिए अट्रैक्शन महसूस करने के दौरान भी एक्टिव होते हैं. ऐसे में उनका मानना है कि अगर ये दवाएं किसी चीज़ को पाने की तीव्र इच्छा यानी “वॉटिंग” को कम करती हैं, तो मुमकिन है कि वे रोमांटिक अट्रैक्शन को भी कुछ हद तक प्रभावित करें. डॉ. शिन की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. इसके बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या वजन घटाने के लिए ली जाने वाली दवाएं सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि इंसान के रिश्तों और भावनाओं पर भी असर डाल सकती हैं.
क्या कहती है रिसर्च?
- JAMA Psychiatry में छपी एक स्टडी में पाया गया कि GLP-1 सिग्नलिंग दिमाग के उन न्यूरल रास्तों से जुड़ी है जो लत और बिहेविरियल मोटिवेशन को कंट्रोल करते हैं. इस रिसर्च में देखा गया कि ये दवाएं डोपामिन से जुड़े सर्किट्स पर असर डालकर रिवॉर्ड सीकिंग बिहेवियर यानी किसी चीज़ को पाने की इंटेस इच्छा को कम कर सकती हैं. यही वजह है कि इन दवाओं का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों में खाने की लालसा कम हो जाती है और कभी-कभी शराब या अन्य चीजों की क्रेविंग भी घट जाती है.
- इसी तरह The Lancet eClinicalMedicine में प्रकाशित एक रिसर्च में GLP-1 दवाओं के दिमाग पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों का अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में संकेत मिला कि ये दवाएं दिमाग के उन क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती हैं जो इम्पल्स कंट्रोल और मोटिवेशन से जुड़े होते हैं. यही कारण है कि अब इन दवाओं को कुछ मामलों में लत और कम्पल्सिव व्यवहार के इलाज में भी संभावित रूप से देखा जा रहा है. हालांकि इन दोनों अध्ययनों में कहीं भी यह निष्कर्ष नहीं निकाला गया कि ये दवाएं सीधे तौर पर प्यार, आकर्षण या रिश्तों को प्रभावित करती हैं.
क्या प्यार को एक ही केमिकल से समझा जा सकता है?
एक्सपर्ट का कहना है कि किसी के प्रति अट्रैक्शन महसूस करना या प्यार में पड़ना सिर्फ एक बायोलॉजिकल प्रोसेस नहीं है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक ऐसा कोई पक्का वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि GLP-1 दवाएं सीधे तौर पर रोमांटिक आकर्षण को कम कर देती हैं. प्यार और रिश्ते कई चीजों के मेल से बनते हैं. इसमें दिमाग के केमिकल जैसे डोपामिन, ऑक्सीटोसिन, सेरोटोनिन और वासोप्रेसिन, साथ ही इंसान का मूड, नेचर, माहौल और उसके जीवन के एक्सपीरियंस भी अहम भूमिका निभाते हैं.
दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट्स
कई बार दवा के कारण मूड में बदलाव सीधे दवा से नहीं, बल्कि उसके साइड इफेक्ट्स से होते हैं. GLP-1 दवाएं कुछ लोगों को मतली, डिहाइड्रेशन और बहुत कम भूख जैसी परेशानियां दे सकती हैं. जब कोई कम खाने लगे या असहज महसूस करे, तो इससे उसका मूड बिगड़ सकता है और डेली लाइफ पर असर पड़ सकता है. एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादातर रिश्तों में साथ खाना एक बड़ा सामाजिक मौका होता है. अगर भूख ही न लगे, तो ये मौके कम हो जाते हैं और रिश्ते प्रभावित होते हैं. साथ ही, कम खाने से विटामिन और जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जो मूड और दिमागी सेहत पर बुरा असर डालती है.
कुछ लोगों में दिख सकते हैं बदलाव
कुछ मरीजों ने GLP-1 दवाएं लेने के बाद प्रेरणा या reward sensitivity में हल्के बदलाव महसूस करने की बात कही है. डॉ. मोनिका शर्मा के मुताबिक ऐसे बदलाव हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। इन पर मनोवैज्ञानिक, हार्मोनल और रिश्तों से जुड़े कारक भी असर डालते हैं. इसी कारण डॉक्टर सलाह देते हैं कि जो लोग ये दवाएं ले रहे हैं, उन्हें अपने मूड, इच्छा और भावनात्मक स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और अगर कोई बदलाव महसूस हो तो डॉक्टर से चर्चा करनी चाहिए.