370 रुपये की बिरयानी से शुरू हुआ बवाल! नौकरी गई, माफी मांगनी पड़ी; अब प्राणित-हिमांशु और सेजल के खिलाफ FIR दर्ज
गुरुग्राम के स्टैंडअप शो में 370 रुपये की बिरयानी वाले मजाक से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया. जानिए प्राणित मोरे, सेजल पवार और हिमांशु जांगड़ा का पूरा मामला.
कभी-कभी एक मंच पर कही गई कुछ बातें सिर्फ हंसी-मजाक तक सीमित नहीं रहतीं. कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो शो खत्म होने के बाद भी लोगों के दिमाग में गूंजते रहते हैं. गुरुग्राम में हुए एक स्टैंडअप कॉमेडी शो में भी कुछ ऐसा ही हुआ.
शुरुआत एक ऐसी कहानी से हुई जिसमें 370 रुपये की चिकन बिरयानी का जिक्र था. मंच पर बैठे लोग हंस रहे थे, दर्शक तालियां बजा रहे थे और बातचीत आगे बढ़ रही थी. लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यही बातचीत कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर देगी, लोगों की नौकरियां चली जाएंगी, सार्वजनिक माफियां मांगनी पड़ेंगी और आखिरकार मामला पुलिस थाने तक पहुंच जाएगा.
आखिर क्या था 370 रुपये वाली बिरयानी का किस्सा?
पूरा मामला कॉमेडियन प्राणित मोरे के एक लाइव क्राउड-वर्क शो से शुरू हुआ. शो के दौरान दर्शकों से बातचीत की जा रही थी. इसी दौरान मंच पर मौजूद 23 वर्षीय हिमांशु जांगड़ा ने अपनी एक डेट का जिक्र किया. बातों-बातों में उसने बताया कि उसने एक महिला पर लगभग 370 रुपये की चिकन बिरयानी खर्च की थी. इसके बाद उसने कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की, जिसे सोशल मीडिया यूजर्स ने महिलाओं की सहमति और सम्मान के खिलाफ बताया. शो के दौरान यह बातचीत मजाक की तरह चलती रही, लेकिन जब वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा तो लोगों ने इसे बिल्कुल अलग नजरिए से देखा. कुछ ही घंटों में वीडियो वायरल हो गया.
सोशल मीडिया पर क्यों फूटा गुस्सा?
वीडियो वायरल होते ही हजारों लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. आलोचकों का कहना था कि यह सिर्फ एक खराब मजाक नहीं था, बल्कि महिलाओं की सहमति (Consent) जैसे गंभीर विषय को हल्के में लेने की कोशिश थी. लोगों ने यह भी पूछा कि मंच पर मौजूद कॉमेडियन प्राणित मोरे ने उस वक्त हस्तक्षेप क्यों नहीं किया. विवाद इतना बढ़ा कि प्राणित मोरे को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी. उन्होंने कहा कि दर्शक के विचार उनके निजी विचार नहीं थे और उन्हें उस समय बेहतर प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी. आलोचनाओं के दबाव के बीच उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी कुछ समय के लिए डिएक्टिवेट कर दिया.
फिर आया दूसरा वीडियो और मामला और भड़क गया
जब बिरयानी विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था, तभी उसी शो का एक और वीडियो सामने आ गया. इस बार वीडियो में डॉक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सेजल पवार दिखाई दीं. बातचीत मेडिकल कॉलेज के दिनों की चल रही थी. इसी दौरान उन्होंने मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले पुरुष शवों को लेकर कुछ टिप्पणियां कीं. वीडियो में उन्होंने बताया कि मेडिकल छात्र कभी-कभी शवों के शरीर को लेकर चर्चा और मजाक भी करते थे. इसके बाद मंच पर मौजूद प्राणित मोरे और सेजल पवार के बीच हुई बातचीत का वीडियो वायरल हो गया.
लोगों ने आखिर इस वीडियो पर आपत्ति क्यों जताई?
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और आम लोगों ने इस बयान को लेकर नाराजगी जताई. आलोचकों का कहना था कि मेडिकल शिक्षा में इस्तेमाल होने वाले शव वे लोग होते हैं जिन्होंने विज्ञान और शिक्षा के लिए अपना शरीर दान किया होता है. ऐसे में उनके बारे में मजाक करना नैतिक और पेशेवर मर्यादाओं के खिलाफ माना गया. धीरे-धीरे बहस सिर्फ कॉमेडी शो तक सीमित नहीं रही. यह सम्मान, पेशेवर नैतिकता और सार्वजनिक जिम्मेदारी का मुद्दा बन गई. हिमांशु की नौकरी भी चली गई
विवाद का असर सिर्फ सोशल मीडिया तक नहीं रहा.
गुरुग्राम की कंपनी स्टारविक डिजाइन ने हिमांशु जांगड़ा को नौकरी से निकालने का फैसला कर लिया. कंपनी के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने कहा कि उन्होंने आंतरिक समीक्षा की थी और ऑफिस में हिमांशु के व्यवहार को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली थी. महिला कर्मचारियों ने भी उसके खिलाफ कुछ नहीं कहा. लेकिन कंपनी का मानना था कि वायरल वीडियो का असर अब कार्यस्थल पर भी पड़ रहा था. इसी वजह से संगठन ने उससे अलग होने का फैसला लिया.
माफियां आईं, लेकिन विवाद नहीं रुका
बढ़ते दबाव के बीच प्राणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और सेजल पवार तीनों ने अलग-अलग मंचों पर माफी मांगी. प्राणित मोरे ने कहा कि उन्हें उस समय ज्यादा जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी. सेजल पवार ने भी माना कि उनका बयान संवेदनशील विषय से जुड़ा था और उनकी बातों से लोगों की भावनाएं आहत हुईं. उन्होंने भविष्य में अधिक जिम्मेदारी से बोलने का वादा किया, लेकिन तब तक मामला सोशल मीडिया की बहस से निकलकर कानूनी जांच तक पहुंच चुका था.
अब मामला कहां पहुंच गया है?
ताजा घटनाक्रम में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने प्राणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, सेजल पवार और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का आरोप है कि शो के दौरान महिलाओं, सहमति और मेडिकल कैडवर्स को लेकर की गई टिप्पणियां आपत्तिजनक थीं और बाद में इन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया.
पुलिस ने तीनों प्रमुख लोगों को पूछताछ के लिए समन भी जारी किया है. अब जांच एजेंसियां वायरल वीडियो, पूरी रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं. एक कॉमेडी शो से शुरू हुआ मामला पुलिस जांच तक कैसे पहुंच गया? कुछ दिन पहले तक यह सिर्फ एक स्टैंडअप कॉमेडी शो था.
- फिर एक वायरल वीडियो आया.
- उसके बाद सोशल मीडिया ट्रायल शुरू हुआ.
- फिर माफियां आईं.
- नौकरी गई.
- दूसरा वीडियो सामने आया.
नई बहस छिड़ी.
और अब पूरा मामला पुलिस की जांच के दायरे में पहुंच चुका है यानी 370 रुपये की बिरयानी पर शुरू हुई बातचीत अब सिर्फ कॉमेडी या सोशल मीडिया विवाद नहीं रह गई है, बल्कि कानून, सामाजिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक अभिव्यक्ति की सीमाओं पर एक बड़ी बहस बन चुकी है.