अश्लील पासवर्ड, Whatsapp Group में आपत्तिजनक मैसेज और यौन उत्पीड़न- TCS Nashik Case में क्या-क्या खुलासे हुए?
TCS नासिक यूनिट में यौन और धार्मिक उत्पीड़न मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें अश्लील पासवर्ड और व्हाट्सऐप मैसेज शामिल हैं. कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. अब तक 7 कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
TCS Nashik case
(Image Source: File Photo )TCS Nashik Harassment Case: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के BPO यूनिट से जुड़ा मामला अब और गंभीर होता जा रहा है. यौन उत्पीड़न और धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों के बीच जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिनमें अश्लील पासवर्ड, व्हाट्सऐप ग्रुप्स में आपत्तिजनक मैसेज और महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप शामिल हैं.
पीड़िताओं के मुताबिक, उत्पीड़न की शुरुआत ट्रेनिंग के दौरान ही हो गई थी. यह कई महीनों तक जारी रहा. एक महिला ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के सामने बयान देते हुए आरोप लगाया कि आरोपी रज़ा रफीक मेमन उसे बार-बार केबिन में बुलाता था, आपत्तिजनक बातें करता था और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कमेंट करता था.
महिला ने क्या आरोप लगाया?
महिला का कहना है कि उसने अपने मैनेजर से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उल्टा, आरोप है कि इसके बाद उत्पीड़न और बढ़ गया. जांच में सामने आया कि अन्य आरोपी, दानिश शेख और तौसीफ अत्तर, ने कथित तौर पर डिजिटल स्टॉकिंग शुरू की और उसके बारे में अफवाहें फैलाने लगे.
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस जांच के मुताबिक, मामला सिर्फ व्यक्तिगत व्यवहार तक सीमित नहीं था. ऑफिस के व्हाट्सऐप ग्रुप्स में कथित तौर पर रोजाना अश्लील मैसेज भेजे जाते थे. इतना ही नहीं, ऑफिस के वाई-फाई पासवर्ड भी बार-बार बदलकर ऐसे शब्दों में रखे जाते थे, जो महिलाओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाएं. इसे जांच एजेंसियां मानसिक उत्पीड़न की सुनियोजित कोशिश मान रही हैं.
मामला कैसे सामने आया?
यह मामला तब सामने आया, जब एक महिला ने दानिश शेख पर 2022 में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया. शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी पहले से शादीशुदा था, जिसे उसने छिपाया. इस केस में उसकी बहन निदा खान का भी नाम सामने आया है, जो फिलहाल फरार है. उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सात और महिलाओं ने सामने आकर मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए. एक पुरुष कर्मचारी ने भी कार्यस्थल पर धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाते हुए अलग शिकायत दर्ज कराई है.
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की इन घटनाओं को लेकर अब तक पुलिस सात कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तर, रज़ा रफीक मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और HR हेड अश्विनी चेनानी शामिल हैं. कंपनी ने सभी को सस्पेंड कर दिया है.