शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं, फिर कैसे हुई मुग्धा की मौत? पुणे के फ्लैट में मिला शव, परिवार को लगा लंदन में है बेटी- 10 बड़ी बातें
लंदन में MBA की पढ़ाई करने गई 34 वर्षीय मुग्धा देशमुख परिवार को बिना बताए भारत लौट आई थीं और पुणे के एक फ्लैट में रह रही थीं. परिवार को उनके भारत में होने का सुराग बैंक स्टेटमेंट में दर्ज फूड डिलीवरी ट्रांजैक्शन से मिला. पुलिस ने पुणे के गहुंजे स्थित फ्लैट से उनका शव बरामद किया है.
ब्रिटेन के लंदन में MBA की पढ़ाई करने गई 34 वर्षीय महिला के साथ एक ऐसी घटना हुई, जिसने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली मुग्धा देशमुख कई महीने पहले परिवार को बिना बताए भारत लौट आई थीं और पुणे के एक किराए के फ्लैट में अकेले रह रही थीं. परिवार को इसकी जानकारी तक नहीं थी.
24 अक्टूबर को जब मुग्धा ने फोन और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई. परिवार ने लंदन में रहने वाली उनकी एक दोस्त से संपर्क किया. दोस्त ने बताया कि उसकी मुग्धा से आखिरी बार 22 अक्टूबर को मैसेज के जरिए बात हुई थी. इसके बाद दोस्त ने लंदन पुलिस में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद हुई जांच में मुग्धा के भारत में होने की बात सामने आई.
मुग्धा देशमुख की मौत से जुड़ी 10 बड़ी बातें
- 34 वर्षीय मुग्धा देशमुख महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली थीं. वह पिछले साल जुलाई में MBA की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन के लंदन गई थीं. वहां अकेले रहती थीं और पार्ट-टाइम काम भी करती थीं.
- मुग्धा के परिवार के मुताबिक, उनसे नियमित रूप से फोन कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क बना हुआ था. परिवार को यह जानकारी नहीं थी कि वह भारत लौट चुकी हैं.
- 24 अक्टूबर को मुग्धा ने परिवार के फोन और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया. कुछ समय बाद उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गया. इससे परिजन परेशान हो गए.
- परिवार ने लंदन में रहने वाली मुग्धा की एक दोस्त से संपर्क किया. दोस्त ने बताया कि उसकी आखिरी बातचीत 22 अक्टूबर को मैसेज के जरिए हुई थी. इसके बाद उसने लंदन पुलिस को मुग्धा के लापता होने की सूचना दी.
- मुग्धा की दोस्त को लंदन पुलिस ने बताया कि वह अगस्त के आखिर में ही ब्रिटेन छोड़ चुकी थीं. इसके बाद परिवार को आशंका हुई कि मुग्धा भारत में हो सकती हैं.
- मुग्धा के परिजनों ने उन्हें तलाशने के लिए भारतीय अधिकारियों और भारतीय उच्चायोग से संपर्क किया. इसी दौरान उनके पिता ने बैंक स्टेटमेंट की जांच की, जिसमें कई अहम ट्रांजैक्शन सामने आए.
- बैंक स्टेटमेंट में 8 से 25 अक्टूबर के बीच कई फूड डिलीवरी ट्रांजैक्शन दर्ज थे. इनमें से कुछ लेनदेन छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा इलाके से जुड़े थे. इसी आधार पर परिवार को उनके भारत में होने का अंदेशा हुआ.
- पुलिस ने मुग्धा की लोकेशन ट्रेस की, जो पुणे के गहुंजे स्थित लोढ़ा बेलमोंडो कॉम्प्लेक्स तक पहुंची. पुलिस की टीम उस फ्लैट में पहुंची, जहां मुग्धा रह रही थीं.
- फ्लैट का दरवाजा बंद था. पुलिस ने चाबी बनाने वाले की मदद से अंदर प्रवेश किया. वहां मुग्धा का शव मिला. पुलिस के मुताबिक, उनके शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं दिखाई दिए.
- जांच में सामने आया कि मुग्धा ने अप्रैल में यह फ्लैट किराए पर लिया था, लेकिन अगस्त से वहां रहना शुरू किया था. फिलहाल उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है.
फिलहाल. सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुग्धा परिवार को बिना बताए क्यों भारत आईं और उनकी मौत कैसे हुई, जब शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं हैं. पुलिस जांच में इन सवालों का जवाब मिलने की उम्मीद है.