नासिक से सीकर तक NEET पेपर लीक का 100 करोड़ वाला खेल! डॉक्टर-स्टूडेंट-PG ऑपरेटर ने ऐसे बनाया एजुकेशन माफिया नेटवर्क
NEET पेपर लीक मामले में नासिक से राजस्थान के सीकर तक फैले 100 करोड़ रुपये के कथित एजुकेशन माफिया नेटवर्क का खुलासा हुआ है. जांच में डॉक्टर, MBBS स्टूडेंट्स, PG ऑपरेटर्स और सॉल्वर गैंग की मिलीभगत सामने आई है, जो मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का खेल चला रहे थे.
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब सिर्फ एक एग्जाम विवाद नहीं रह गई है, बल्कि यह भारत के कोचिंग और पेपर लीक माफिया के उस अंडरग्राउंड नेटवर्क का खुलासा बन चुकी है, जिसने करोड़ों रुपये के खेल में लाखों छात्रों के सपनों को दांव पर लगा दिया. राजस्थान का सीकर, जो कभी सिर्फ कोचिंग हब के तौर पर जाना जाता था, अब CBI जांच का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है. जांच एजेंसियों को शक है कि यहीं से देशभर में 'गेस पेपर' के नाम पर असली NEET पेपर फैलाया गया.
CBI और राजस्थान SOG की जांच में सामने आया है कि पेपर नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से लीक होकर जयपुर, सीकर, दिल्ली, बिहार, जम्मू-कश्मीर, केरल और उत्तराखंड तक पहुंचा. इस पूरे रैकेट में MBBS काउंसलर, हॉस्टल ऑपरेटर, कोचिंग नेटवर्क और 'सॉल्वर गैंग' तक शामिल बताए जा रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि परीक्षा से करीब 15 दिन पहले ही यह पेपर 30 हजार से लेकर 28 लाख रुपये तक में बेचा जा रहा था. अब सवाल सिर्फ पेपर लीक का नहीं, बल्कि उस 'लीक इकॉनमी' का है जिसने शिक्षा व्यवस्था को करोड़ों के धंधे में बदल दिया.
कैसे नासिक से सीकर पहुंचा NEET का पेपर?
जांच एजेंसियों के मुताबिक पेपर सबसे पहले नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ. वहां से यह एक 'चेन नेटवर्क' के जरिए गुरुग्राम के डॉक्टर तक पहुंचा. जयपुर के जमवारामगढ़ के खटीक नामक व्यक्ति ने इसे खरीदा. फिर यह पेपर सीकर के MBBS काउंसलिंग एजेंट राकेश मंडावरिया तक पहुंचा.
- गैस पेपर के नाम पर देशभर में बेचा गया पेपर
- जांच में खुलासा हुआ कि पेपर को गैस पेपर बताकर छात्रों को बेचा गया.
- 30 हजार से 28 लाख रुपये तक वसूले गए
- नागौर के एक छात्र ने 28 लाख देकर पेपर खरीदा
- पेपर दिल्ली, बिहार, केरल, जम्मू-कश्मीर तक पहुंचा
- एक WhatsApp मैसेज से फूट गया पूरा राज
सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब केरल में पढ़ रहे MBBS छात्र ने अपने पिता को पेपर भेजते हुए लिखा कि 'पापा, सीकर के एक दोस्त ने यह मुझे भेजा है। कृपया इसे अपने हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को दे दीजिए। कल की परीक्षा में यही आने वाला है.' इसके बाद हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के बीच पेपर बांटा गया.
- NEET में वही सवाल आए, कॉमा तक मैच हुआ
- जांच एजेंसियों के मुताबिक Biology के सभी 90 सवाल मैच हुए
- Chemistry के 45 के 45 सवाल हूबहू मिले
- कॉमा और फुल स्टॉप तक नहीं बदले गए थे
- 281 सवालों वाले गैस पेपर से पूरा एग्जाम मैच हुआ
कैसे खुला पेपर लीक रैकेट?
- हॉस्टल ऑपरेटर ने पहले पुलिस को सूचना दी
- पुलिस ने शुरुआत में इसे अफवाह बताकर टाल दिया
- बाद में मामला NTA और IB तक पहुंचा
- राजस्थान SOG ने कार्रवाई कर 15 लोगों को हिरासत में लिया
‘Leak Economy’ में कौन कितना कमाता है?
1. मास्टरमाइंड
पेपर 5 से 10 करोड़ में बेचता है. सीधे प्रिंटिंग या लॉजिस्टिक नेटवर्क से जुड़ा होता है.
2. कोचिंग और मिडिलमैन- छात्रों से 15 से 30 लाख तक वसूलते हैं. 'सेफ हाउस' में बैठाकर जवाब याद करवाए जाते हैं.
3. सॉल्वर गैंग- MBBS छात्र और रिसर्च स्कॉलर शामिल. 2 से 5 लाख रुपये लेकर पेपर सॉल्व करते हैं.
4. लोकल ब्रोकर- Telegram और एन्क्रिप्टेड चैनलों पर पेपर बेचते हैं. परीक्षा से कुछ घंटे पहले 25-50 हजार में डील होती है
- 22 लाख छात्रों पर पड़ा असर
- NEET परीक्षा रद्द होने से देशभर में विरोध प्रदर्शन
- दो साल की मेहनत और लाखों रुपये दांव पर
- री-एग्जाम से छात्रों और परिवारों पर अतिरिक्त बोझ