जम्मू-कश्मीर की राजनीति में अचानक भूचाल देखने को मिल रहा है, जिसने सीएम उमर अब्दुल्ला की टेंशन को भी बढ़ा दिया क्योंकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अब बागी होते दिखाई दे रहे हैं, जिसके चलते नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार गिर सकती है. दरअसल नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हाल ही में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है जिसको लेकर कई ऐसे बड़े नेता कतार में खड़े थे.

जिनको उम्मीद थी कि उनका नाम मंत्रिमंडल विस्तार में आ सकता है लेकिन ऐसा हो न सका. जिसके चलते कई विधायक बागी होते हुए दिखाई दे रहे हैं. जम्मू-कश्मीर की राजनीति में होते इस बदलाव को लेकर वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी कुमार ने स्टेट मिरर हिंदी से बातचीत की.

क्यों याद आया 1984 वाला किस्सा?

वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी कुमार ने बताया कि "जम्मू में 1984 का माहौल याद आ रहा है उस वक़्त फारुख अब्दुल्ला मुख्यमंत्री थे वो पहलगाम में एक एक्टर को फिल्म की शूटिंग के दौरान वहां घुमा रहे थे और पीछे से उनकी सरकार गिरा दी गई थी. ऐसा ही मौहोल दोबारा बन रहा है अभी नेशनल कॉन्फ्रेंस को अच्छा बहुमत मिला था जबकि बीजेपी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी रही."

क्या कश्मीर के केजरीवाल बन रहे उमर अब्दुल्ला?

आगे उन्होंने बताया "दो साल से उमर अब्दुल्ला अपने लोगों को बहका रहे थे कि मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा और नए लोगों को जगह दी जाएगी पार्टी में लगातार विरोध के सुर बनने लगे थे, अब विस्तार कर दिया है वो उनमे से उमर अब्दुल्ला ने अपने पास कुछ नही रखा है जैसा केजरीवाल ने दिल्ली में किया अपने पास कुछ नहीं रखा और दूसरों को सब दे दिया. दोनों अब्दुल्लाओं ने पिछले चुनाव के समय अपनी टोपी फैलाकर जनता से वोट मांगा था और उनको सिंपैथी वोट मिला सरकार बना ली."

आगे उन्होंने कहा "उमर अब्दुल्ला दूसरे केजरीवाल बन रहे है. चूंकि पूरा स्टेटहुड नहीं है जम्मू-कश्मीर. केजरीवाल की तरह रोना रो रहे हैं कि मुझे कुछ करने नहीं दिया जा रहा है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद ने आज इस्तीफा दे दिया है और उमर अब्दुल्ला की पार्टी टूट रही है. पार्टी अगर टूटती है तो बीजेपी सरकार बनाने के लिए जरूर प्रयास करेगी."

क्यों स्पीकर का रोल होगा अहम?

अश्विनी कुमार ने बताया कि स्पीकर का रोल आने वाले दिनों में बड़ा महत्वपूर्ण होगा हो सकता है और आने वाले सत्र में बीजेपी खेल कर सकती है. बीजेपी राज्यों में खेला करने के लिए जानी जाती है और बीजेपी ने कहा भी है कि जल्दी ही उनका सीएम होगा और जम्मू से होगा. जम्मू कश्मीर में बड़े फेरबदल होने की संभावना है क्योंकि लद्दाख के एलजी को जम्मू-कश्मीर का गवर्नर बनाया जा रहा है और अशोक कौल जो की बीजेपी के संगठन मंत्री है उनको लद्दाख का गवर्नर बनाया जा रहा है क्योंकि मनोज सिन्हा दिल्ली लाया जा सकता है.

क्या टूट जाएगी नेशनल कॉन्फ्रेंस?

आगे अश्विनी कुमार बताते हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों और सांसदों में खुद का अपना कोई दम नहीं है कि पार्टी को तोड़ दें. जबतक किसी की बैकिंग न हो, हो सकता है बीजेपी बैकिंग दें, हो सकता है कि बीजेपी उनको समर्थन दें और जल्द बीजेपी जम्मू-कश्मीर में सरकार बना लेगी.