जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में मंगलवार को भारी बारिश ने कहर बरपा दिया. माता वैष्णो देवी धाम की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर भूस्खलन से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें अब तक 30 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.

यह हादसा दोपहर करीब तीन बजे अधक्वारी के पास इंदरप्रस्थ भोजनालय के नजदीक हुआ. यह स्थान 12 किलोमीटर लंबे ट्रैक के लगभग मध्य भाग में आता है. भूस्खलन के मलबे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दब गए, जिससे चीख-पुकार मच गई.

एसएसपी रियासी ने दी जानकारी

रियासी एसएसपी परामवीर सिंह ने बताया कि हादसा भारी बारिश की वजह से हुआ है. उन्होंने पुष्टि की कि मृतकों की संख्या 30 तक पहुंच चुकी है और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया है.

सेना और प्रशासन ने संभाली कमान

हादसे की सूचना मिलते ही सेना और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया. सेना के प्रवक्ता ने बताया, "हमारी टीमें लगातार मौके पर जुटी हैं। घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है."

रेस्क्यू अभियान जारी

भारी बारिश और फिसलन भरी जमीन के बावजूद राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धाम की यात्रा के लिए कुछ समय तक रियासी न पहुंचें. वहीं, स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है.

इन हिस्सों में सावधानी बरतने की जरुरत

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि मंगलवार सुबह 05:10 बजे की जम्मू DWR इमेजरी में पूरे क्षेत्र में व्यापक आंधी-तूफान की गतिविधियां देखी गई हैं. विभाग ने बताया कि जम्मू, आरएस पुरा, सांबा, अखनूर, कोट भलवाल, बिश्नाह, विजयपुर, पुरमंडल और कठुआ व उधमपुर के कुछ हिस्सों में गंभीर संवहन (Severe Convection) देखा गया है.

जहां भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की संभावना है. वहीं, मध्यम संवहन (Moderate Convection) रियासी, रामबन, डोडा, बिलावर, कटरा, रामनगर, हीरानगर, गुल, बनिहाल और सांबा-कठुआ के आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है, जहां हल्की से मध्यम बारिश हो रही है.