गुजरात के अहमदाबाद जिले में चोरों ने एक वेयरहाउस को निशाना बनाते हुए करीब 1 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर हाथ साफ कर दिया. यह घटना सनाथल सर्कल के पास नवापुरा गांव स्थित इंग्राम माइक्रो वेयरहाउस की है. चोर रात के अंधेरे में गोदाम के पीछे से दाखिल हुए और दरवाजा तोड़कर अंदर रखे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान को लेकर फरार हो गए. चोरी हुए सामान में iPhone 17, iPhone 16, Dell और HP के लैपटॉप, Apple Watch, iPad और कई अन्य एक्सेसरीज शामिल हैं.

चोरी की यह वारदात 21 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे से 2:30 बजे के बीच की बताई जा रही है. घटना का पता उस समय चला, जब एक सुरक्षा गार्ड ने वेयरहाउस के पीछे के दरवाजे टूटे हुए देखे और अंदर सामान के पैकेज बिखरे पाए. सूचना मिलने पर वेयरहाउस के मैनेजर सुधीर नायर मौके पर पहुंचे. जांच में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब मिला.

कितने आईफोन हुए चोरी?

वेयरहाउस से चोरी हुए सामान की सूची में बड़ी संख्या में महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चोर 40 iPhone 17 यूनिट और 30 iPhone 16 यूनिट अपने साथ ले गए. इसके अलावा 15 Dell लैपटॉप और 11 HP लैपटॉप भी चोरी हुए हैं. चोरों ने केवल मोबाइल फोन और लैपटॉप ही नहीं, बल्कि अन्य महंगे उपकरणों को भी निशाना बनाया. चोरी हुए सामान में 36 Apple Watch, 20 iPad कीबोर्ड, iPad Pro डिवाइस, लैपटॉप बैग और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज शामिल हैं. पूरे सामान की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई गई है.

सीसीटीवी फुटेज में क्या दिखा?

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में करीब तीन लोगों के चोरी में शामिल होने का शक है. संदिग्ध कथित तौर पर वेयरहाउस के पीछे मौजूद खुले मैदान से अंदर पहुंचे. इसके बाद उन्होंने पीछे का दरवाजा तोड़कर गोदाम में प्रवेश किया और वहां रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान को लेकर फरार हो गए. सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों के चेहरे और सिर कपड़े से ढके हुए दिखाई देने की बात सामने आई है. माना जा रहा है कि उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए ऐसा किया था। पुलिस फुटेज का विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोर किस तरह अंदर घुसे, उन्होंने सामान कैसे निकाला और वहां से किस रास्ते भागे।

चोरी की जांच के लिए कौनसी टीमें गठित?

अहमदाबाद ग्रामीण की डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) नीलम गोस्वामी ने बताया कि चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कई पुलिस टीमें बनाई गई हैं. जांच में सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है, ताकि संदिग्धों की गतिविधियों और वारदात के पूरे घटनाक्रम का पता लगाया जा सके. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए और इतनी बड़ी मात्रा में सामान को वेयरहाउस से बाहर कैसे ले जाया गया.