1986 में आई फिल्म फिर 10 साल बाद जाकर मिली फीस, Soni Razdan ने सुनाया इतना पुराना किस्सा, ऐसा था उनका रिएक्शन
सोनी राजदान ने फिल्म ‘खामोश’ से जुड़ा पुराना किस्सा शेयर किया है. फिल्म में काम करने के बाद उन्हें पैसे नहीं मिले थे, लेकिन 10 साल बाद अचानक उनके घर चेक पहुंचा. यह देखकर एक्ट्रेस हैरान भी हुईं और इस पुराने वादे को याद कर भावुक भी हो गईं.
दस साल बाद सोनी राज़दान के घर पंहुचा खामोश फिल्म का चेक
(Image Source: instagram: @sonirazdan )सोनी राजदान ने अपने पुराने दिनों का एक ऐसा किस्सा सुनाया है, जिसे सुनकर शायद आप भी हैरान रह जाएंगे. 1986 में आई फिल्म ‘खामोश’ में काम करने के बाद उन्हें अपनी फीस के लिए करीब 10 साल इंतजार करना पड़ा. उस समय उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि इतने साल बाद उनके घर एक चेक पहुंचेगा.
करीब दस साल बाद जब चेक उनके घर आया तो सोनी राजदान खुद हैरान रह गईं. उन्होंने जब इसके बारे में पूछा तो उन्हें पुराने वादे की याद दिलाई गई. इस घटना को याद करते हुए एक्ट्रेस ने बताया कि वह पल उनके लिए बेहद खास और भावुक कर देने वाला था.
क्यों नहीं मिली थी फिल्म की फीस?
सोनी राजदान ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बताया कि ‘खामोश’ के लिए उन्हें और फिल्म से जुड़े दूसरे कलाकारों को शुरुआत में पैसे नहीं मिले थे. फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा ने उस समय उनसे कहा था कि फिल्म बिकने या जब पैसा आएगा सभी कलाकारों को दे दिया जाएगा. उस समय विधु विनोद चोपड़ा भी फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर जमा रहे थे. उन्होंने खुद फिल्म का निर्माण किया था. ऐसे में कलाकारों ने उनके साथ काम किया और अपने अपने पैसे आने का इंतजार किया.
‘क्या ‘खामोश’ में थे बड़े सितारे?
1986 में रिलीज हुई ‘खामोश’ में सोनी राजदान के साथ नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, अमोल पालेकर और पंकज कपूर जैसे आर्टिस्ट नजर आए थे. फिल्म की खास बात यह थी कि इसमें अमोल पालेकर, सोनी राजदान और शबाना आजमी ने कहानी में अपने ही नाम और पेशे से जुड़े किरदार निभाए थे. फिल्म को समीक्षकों से अच्छा रिस्पांस मिला, लेकिन रिलीज के समय इसे बड़ी सफलता नहीं मिली बाद में फिल्म टीवी पर आई और धीरे-धीरे लोगों के बीच काफी पसंद की जाने लगी.
कितने साल बाद आया चेक?
फिल्म रिलीज होने के लगभग दस साल बाद सोनी राजदान के घर अचानक एक चेक पहुंचा. एक्ट्रेस ने बताया कि पहले तो उन्हें समझ ही नहीं आया कि यह पैसा किस वजह से भेजा गया है. उन्होंने विधु विनोद चोपड़ा को फोन किया और इसके बारे में पूछा. चोपड़ा ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने फिल्म के समय पैसे देने का वादा किया था और अब वह अपना वादा पूरा कर रहे हैं. सोनी राजदान के लिए यह सिर्फ एक चेक नहीं था, बल्कि पुराने वादे को निभाने की मिसाल थी.
क्यों सोनी हुईं भावुक ?
सोनी ने इस घटना को याद करते हुए बताया कि वह पल उनके लिए बेहद खास था. इतने साल बाद भी निर्माता ने अपना वादा नहीं भुलाया था. एक्ट्रेस के मुताबिक, उस समय उन्हें जो खुशी और भावुकता महसूस हुई, उसे शब्दों में बताना मुश्किल है. ‘खामोश’ से जुड़ी यह कहानी आज भी उनके करियर की सबसे यादगार घटनाओं में शामिल है.