Guru Randhawa के 'Fine Shyt' VIDEO पर बवाल, ऑफिस में महिला कर्मचारियों के डांस को लेकर उठे सवाल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Guru Randhawa के ‘Fine Shyt’ VIDEO पर ऑफिस में महिलाओं के चित्रण को लेकर विवाद छिड़ गया है. जानिए सोशल मीडिया यूजर्स ने क्या सवाल उठाए.

( Image Source:  @AndhaAgenda-X )

पंजाबी सिंगर और म्यूजिक आर्टिस्ट Guru Randhawa एक बार फिर अपने नए गाने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. उनका लेटेस्ट ट्रैक 'Fine Shyt' रिलीज होने के बाद जहां कुछ लोग इसके म्यूजिक और डांस को लेकर अपनी राय दे रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स ने इसके वीडियो कॉन्सेप्ट पर सवाल उठाए हैं. खासतौर पर वीडियो में दिखाए गए कॉर्पोरेट ऑफिस के माहौल और महिला कर्मचारियों के फिल्मांकन को लेकर ऑनलाइन बहस तेज हो गई है.

वीडियो में गुरु रंधावा को एक कॉर्पोरेट ऑफिस के सीन में दिखाया गया है. उनके आसपास ऑफिस कर्मचारी के रूप में नजर आने वाली महिलाएं डांस करती दिखाई देती हैं. सोशल मीडिया के एक वर्ग का कहना है कि इस तरह की प्रस्तुति से वर्कप्लेस में महिलाओं की छवि को लेकर गलत संदेश जा सकता है. वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे सिर्फ एक म्यूजिक वीडियो और मनोरंजन का हिस्सा बताते हुए आलोचना को जरूरत से ज्यादा बताया.

'Fine Shyt' के VIDEO में आखिर दिखाया क्या गया है?

‘Fine Shyt’ का वीडियो एक आधुनिक कॉर्पोरेट ऑफिस के सेटअप से शुरू होता है. गुरु रंधावा इसमें एक सीनियर प्रोफेशनल की भूमिका में नजर आते हैं. वीडियो की कहानी किसी वास्तविक ऑफिस की घटना पर आधारित नहीं बताई गई है, बल्कि इसे एक काल्पनिक म्यूजिक वीडियो के तौर पर पेश किया गया है. वीडियो में महिला कलाकार ऑफिस कर्मचारियों के लुक में दिखाई देती हैं और गुरु रंधावा के किरदार के आसपास डांस करती नजर आती हैं. इसी विजुअल कॉन्सेप्ट ने सोशल मीडिया पर बहस को जन्म दिया है.

वीडियो की शुरुआत में एक डिस्क्लेमर भी दिया गया है. इसमें स्पष्ट किया गया है कि वीडियो में नजर आने वाले सभी लोग 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और दिखाई गई घटनाएं काल्पनिक हैं. इसके साथ मजाकिया अंदाज में दर्शकों को ऑफिस में इन डांस मूव्स को दोहराने से बचने की चेतावनी भी दी गई है, क्योंकि ऐसा करने पर HR की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, डिस्क्लेमर के बावजूद वीडियो को लेकर उठे सवाल कम नहीं हुए.

Full View

महिला कर्मचारियों के चित्रण पर क्यों नाराज हुए यूजर्स?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही आलोचनाओं में सबसे बड़ा मुद्दा वीडियो का वर्कप्लेस सेटअप है. कुछ यूजर्स का तर्क है कि अगर यही डांस और कॉन्सेप्ट किसी सामान्य म्यूजिक सेट या पार्टी लोकेशन में दिखाया जाता तो शायद विवाद इतना बड़ा नहीं होता. एक इंस्टाग्राम यूजर ने वीडियो पर सवाल उठाते हुए कहा कि समस्या डांस या कलाकारों के कपड़ों से नहीं है, बल्कि इस बात से है कि उन्हें ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं के तौर पर दिखाकर पुरुष किरदार के आसपास डांस कराया गया है.

उस यूजर ने अपने पोस्ट में सवाल किया कि वीडियो में महिलाओं को इस तरह ऑफिस कर्मचारी के रूप में दिखाने की जरूरत ही क्या थी. पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि ऐसा चित्रण वर्कप्लेस में महिलाओं के बारे में पुराने स्टीरियोटाइप को मजबूत कर सकता है.

‘महिलाओं को नहीं, डायरेक्टर और आर्टिस्ट को दोष दें’

वीडियो की आलोचना करने वाली यूजर ने बाद में अपने पोस्ट पर आई प्रतिक्रियाओं का जवाब भी दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी वीडियो में डांस करने वाली महिला कलाकारों से नहीं है. उनका कहना था कि कलाकार अपने काम के लिए वीडियो का हिस्सा बनी हैं और उन्हें निशाना बनाने के बजाय कॉन्सेप्ट तैयार करने वाले डायरेक्टर और आर्टिस्ट से सवाल किया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें डांस या कॉस्ट्यूम से व्यक्तिगत समस्या नहीं है. उनकी आपत्ति मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि इन्हीं चीजों को एक कॉर्पोरेट ऑफिस और कामकाजी महिलाओं के संदर्भ में क्यों पेश किया गया. उनके मुताबिक, यही कॉन्सेप्ट किसी अलग सेट या काल्पनिक पार्टी एनवायरनमेंट में भी शूट किया जा सकता था.

सोशल मीडिया पर गाने के म्यूजिक और डांस की भी आलोचना

‘Fine Shyt’ को लेकर बहस सिर्फ वीडियो के कॉन्सेप्ट तक सीमित नहीं रही. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने गाने के म्यूजिक और कोरियोग्राफी को भी पसंद नहीं किया. कुछ लोगों ने गाने को बेहद खराब बताते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने इसे “noise pollution” तक कह दिया. वहीं, कुछ अन्य कमेंट्स में गाने की धुन और डांस स्टेप्स का मजाक उड़ाया गया. एक यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि गाने की आलोचना के बावजूद यह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर सकता है और इसके नाम पर बड़ी संख्या में डांस रील्स बन सकती हैं. यानी आलोचना के साथ-साथ एक वर्ग ऐसा भी है जो मानता है कि विवाद ही इस गाने को सोशल मीडिया पर और ज्यादा वायरल कर सकता है.

‘डांस बहुत आक्रामक और खराब लगा’-चॉरियोग्राफी पर भी सवाल

कुछ यूजर्स ने वीडियो की कोरियोग्राफी पर भी आपत्ति जताई. उनके मुताबिक डांस स्टेप्स प्रभावशाली या आकर्षक होने के बजाय जरूरत से ज्यादा आक्रामक नजर आते हैं. एक टिप्पणी में गुरु रंधावा के डांस स्टाइल को लेकर तंज किया गया और कहा गया कि उनके वीडियो में डांस का मतलब बार-बार एक जैसे मूव्स करने तक सीमित दिखाई देता है. हालांकि, ये सभी सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं. वीडियो की लोकप्रियता या कोरियोग्राफी की गुणवत्ता को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं है.

कुछ यूजर्स ने गुरु रंधावा का बचाव भी किया

जहां बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो की आलोचना की, वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे लेकर अलग राय रखी. कुछ लोगों का कहना था कि म्यूजिक वीडियो को एक काल्पनिक प्रस्तुति के रूप में देखा जाना चाहिए और इसे वास्तविक कॉर्पोरेट वर्कप्लेस के व्यवहार से जोड़ना उचित नहीं है. कुछ कमेंट्स में यह तर्क भी दिया गया कि महिला कलाकारों ने अपनी इच्छा से वीडियो में हिस्सा लिया है और केवल एक कलाकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा. यानी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया पूरी तरह एकतरफा नहीं रही. एक तरफ वीडियो के कॉन्सेप्ट पर सवाल उठे, तो दूसरी तरफ लोगों ने इसे मनोरंजन और कलात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा बताया.

‘वर्किंग वुमन’ की छवि को लेकर क्या है असली विवाद?

इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यही है कि आलोचना करने वाले यूजर्स इसे केवल एक म्यूजिक वीडियो नहीं मान रहे हैं. उनका तर्क है कि पॉप कल्चर और म्यूजिक वीडियो समाज में महिलाओं की छवि को प्रभावित कर सकते हैं. एक सोशल मीडिया यूजर ने चिंता जताई कि महिलाओं को पहले से ही निजी कंपनियों में काम करने को लेकर कई तरह की सामाजिक धारणाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में कॉर्पोरेट ऑफिस के सेटअप में महिला कर्मचारियों को इस तरह प्रस्तुत करना उन धारणाओं को मजबूत कर सकता है. दूसरी तरफ, आलोचना के विरोध में यह भी तर्क दिया गया कि वीडियो में दिखाई गई स्थिति काल्पनिक है और इसे वास्तविक ऑफिस संस्कृति का प्रतिनिधित्व मानना जरूरी नहीं है.

वीडियो के डिस्क्लेमर में क्या कहा गया है?

वीडियो में शुरुआत में यह स्पष्ट किया गया है कि इसमें शामिल सभी लोग वयस्क हैं और दिखाई गई परिस्थितियां काल्पनिक हैं. इसके अलावा ऑफिस में वीडियो के डांस मूव्स को दोहराने को लेकर मजाकिया चेतावनी दी गई है. इसका मकसद वीडियो को हल्के-फुल्के और मनोरंजक अंदाज में पेश करना माना जा सकता है. लेकिन आलोचकों का कहना है कि डिस्क्लेमर होने से किसी विजुअल कॉन्सेप्ट पर सवाल उठने बंद नहीं हो जाते. उनके मुताबिक असली मुद्दा यह है कि वीडियो में महिलाओं और वर्कप्लेस को किस तरह प्रस्तुत किया गया है.

क्या ‘Fine Shyt’ विवाद के बावजूद ट्रेंड करेगा?

सोशल मीडिया पर किसी गाने की आलोचना कई बार उसकी पहुंच को और बढ़ा देती है. ‘Fine Shyt’ के मामले में भी यही देखने को मिल रहा है. वीडियो को लेकर बहस, मीम्स और कमेंट्स के कारण इसकी ऑनलाइन चर्चा बढ़ी है. कुछ यूजर्स पहले ही अनुमान लगा रहे हैं कि विवाद के बावजूद गाने पर इंस्टाग्राम रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाए जा सकते हैं. यानी फिलहाल गाने को लेकर प्रतिक्रिया मिली-जुली है—कुछ लोग इसे खराब म्यूजिक और कमजोर कोरियोग्राफी बता रहे हैं, जबकि दूसरे इसे सोशल मीडिया पर संभावित ट्रेंड मान रहे हैं.

‘Fine Shyt’ पर विवाद का पूरा मामला क्या है?

कुल मिलाकर विवाद गाने से ज्यादा उसके वीडियो के कॉन्सेप्ट और कॉर्पोरेट ऑफिस में महिलाओं के चित्रण को लेकर है. आलोचकों का कहना है कि कामकाजी महिलाओं को इस तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है और इससे गलत सामाजिक संदेश जा सकता है. वहीं, वीडियो के समर्थकों का तर्क है कि यह एक काल्पनिक म्यूजिक वीडियो है, जिसमें सभी कलाकार वयस्क हैं और दर्शकों को शुरुआत में डिस्क्लेमर भी दिया गया है.

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया की बहस तक ही सीमित है. ‘Fine Shyt’ को लेकर न तो किसी आधिकारिक संस्था की ओर से कोई कार्रवाई की जानकारी सामने आई है और न ही सोशल मीडिया पर उठ रहे आरोपों को किसी आधिकारिक निष्कर्ष के तौर पर देखा जा सकता है. यही वजह है कि इस पूरे विवाद को समझने के लिए वीडियो में दिखाए गए विजुअल, कलाकारों की भूमिका और सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय-इन तीनों को अलग-अलग देखना जरूरी है.

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