Cannes 2026: पंजाबी से मलयालम तक, 79वें कांन्स फेस्टिवल में धूम मचाएंगी यह भारतीय फिल्में

कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में भले ही कोई भारतीय फिल्म Palme d'Or की रेस में नहीं है, लेकिन कई भारतीय फिल्में अलग-अलग सेक्शन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. पायल कपाडिया की नई भूमिका और रीजनल फिल्मों की ग्लोबल एंट्री भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

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Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 12 May 2026 12:31 PM IST

Cannes 2026: इस साल कान्स फिल्म फेस्टिवल में इंडियन रीजनल सिनेमा की खूबसूरत और मजबूत अपीयरेंस देखने को मिल रही है. पंजाबी, मलयालम, हिंदी और कन्नड़ भाषाओं की फिल्में इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-अलग कैटेगरी में प्रदर्शित की जाएंगी. दुनिया के सबसे बड़े और सम्मानित फिल्म फेस्टिवल का 79वां संस्करण 12 मई से 23 मई 2026 तक फ्रांस के कान्स शहर में आयोजित होगा. इस बार फेस्टिवल में पेड्रो अल्मोडोवर, असगर फरहादी और जेम्स ग्रे जैसे वर्ल्ड फेमस फिल्म निर्माता शामिल होंगे, जो सिनेमा लवर्स के लिए बड़ा आकर्षण का केंद्र बनेंगे. हालांकि पाल्मे डी'ओर (Palme d’Or) यानी मुख्य प्रतियोगिता में इस साल कोई भारतीय फिल्म नहीं है, फिर भी कई भारतीय फिल्में और फिल्मकार अलग-अलग सेक्शन के जरिए देश का गौरव बढ़ा रहे हैं. ये फिल्में प्रीमियर, पुरानी क्लासिक फिल्मों के रिस्टोर वर्जन, छात्र फिल्मों और फिल्म बाजार की स्क्रीनिंग के रूप में दिखाई जाएंगी.

पायल कपाडिया की खास भूमिका

पिछले साल कान्स की मुख्य जूरी में शामिल रहीं भारतीय फिल्म निर्माता पायल कपाडिया इस बार एक नई और बड़ी जिम्मेदारी के साथ लौट रही हैं. वे क्रिटिक्स वीक (Critics’ Week) की जूरी की प्रमुख बनाई गई हैं. क्रिटिक्स वीक उभरते और नए फिल्म निर्माताओं को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है. पायल की यह भूमिका भारतीय सिनेमा के लिए बेहद गर्व की बात है. इस साल कान्स में प्रदर्शित होने वाली भारतीय फिल्में: 

1. चार्डिकला (पंजाबी)

अमरजीत सिंह सरोन द्वारा निर्देशित पंजाबी फिल्म चार्डिकला का कान्स में प्रीमियर होने जा रहा है. एमी विर्क और रूपी गिल मुख्य भूमिकाओं में हैं. यह फिल्म एक नर्स की कहानी है, जिसका शांत और सामान्य जीवन अचानक एक बड़े झूठे केस में फंस जाने के बाद पूरी तरह बदल जाता है. अकेलेपन और मुश्किलों से जूझती हुई यह नर्स धीरे-धीरे दूसरों की मदद करने लगती है. फिल्म 29 मई को थिएटर में रिलीज भी होने वाली है.

2. बालन: द बॉयज (मलयालम)

मंजुम्मेल बॉयज की सफलता के बाद चर्चा में रहे निर्देशक चिदंबरम अपनी नई फिल्म 'बालन: द बॉय' को कान्स के फिल्म बाजार (Marché du Film) में पेश करेंगे. जितु माधवन द्वारा लिखी गई यह फिल्म एक युवा लड़के की कहानी है, जिसे छोड़ दिया गया है और भावनात्मक अस्थिरता और कठिन सामाजिक माहौल में संघर्ष कर रहा है. फिल्म मां-बेटे के रिश्ते, पहचान और लचीलेपन जैसे गहरे विषयों को छूती है.

3. शैडोज ऑफ द मूनलेस नाईट (पंजाबी शार्ट फिल्म)

एफटीआईआई की छात्रा मेहर मल्होत्रा की 24 मिनट की पंजाबी शॉर्ट फिल्म 'शैडोज ऑफ द मूनलेस नाइट' (मूल नाम: पर्चवे मस्सेह रातां दे) को ला सिनेफ सेक्शन में चुना गया है। यह सेक्शन छात्र और नये फिल्मकारों के लिए होता है। फिल्म एक फैक्ट्री में रात की शिफ्ट करने वाले मजदूर राजन की कहानी है, जो गरीबी, भीड़भाड़ वाली रहने की जगह और भावनात्मक अलगाव से जूझ रहा है। थकान और नींद की कमी उसकी मानसिक स्थिति को बिगाड़ने लगती है।

4. अम्मा आर्यन (मलयालम)

1986 में रिलीज हुई जॉन अब्राहम की क्लासिक फिल्म 'अम्मा आर्यन' को 4K क्वालिटी में रिस्टोर किया गया है और इसे कान क्लासिक्स सेक्शन में जगह मिली है. यह फिल्म भारतीय समानांतर सिनेमा की बेहतरीन क्रिएशन में शुमार है. कहानी पुरुशन नाम के एक युवा कार्यकर्ता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो केरल में यात्रा करते हुए एक मां को उसके बेटे हरि की मौत की खबर पहुंचाने जाता है. यात्रा के दौरान शोक, राजनीति, युवा आंदोलन और सपनों के टूटने जैसे विषय उठते हैं.

5. स्पिरिट ऑफ द वाइल्डफ्लावर (डॉक्यूमेंट्री)

लंदन की फिल्मकार श्रीमोयी चक्रवर्ती की डॉक्यूमेंट्री 'स्पिरिट ऑफ द वाइल्डफ्लावर' भी फिल्म बाजार में दिखाई जाएगी. यह फिल्म दो बहनों की सच्ची कहानी है. एक बहन महुआ से बने अपने स्थानीय पेय को इंटरनेशनल ब्रांड बनाना चाहती है, जबकि दूसरी बहन एक मेल की तरह जीने का सपना देखती है. रूढ़िवादी समाज में पहचान, महत्वाकांक्षा और स्वीकृति के मुद्दों को यह डॉक्यूमेंट्री खूबसूरती से उठाती है.

6. सितंबर 21 (हिंदी-कन्नड़)

करेन क्षिति सुवर्णा की पहली फीचर फिल्म सितंबर 21 का वर्ल्ड प्रीमियर 16 मई को पैलेस थिएटर में होगा. यह फिल्म अल्जाइमर से पीड़ित एक बुजुर्ग व्यक्ति पर बेस्ड है, जो कोविड काल में अपनी पत्नी को पड़ोसी घर में क्वारंटाइन समझता है. जैसे-जैसे उसकी याददाश्त कमजोर होती है, उसका बेटा घर लौटता है और परिवार की जिम्मेदारियों के भावनात्मक बोझ से जूझता है.

7. लकड़बाग 2: द मंकी बिजनेस

अंशुमन झा की एक्शन थ्रिलर फिल्म का मार्केट स्क्रीनिंग कान्स में होगी. यह सीक्वल पहली फिल्म की कहानी को आगे ले जाते हुए पशु प्रेमी नायक की नई चुनौतियों को दिखाएगा.

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