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बला की खूबसूरत वकील ईमान मजारी कौन? जो पाकिस्तान की जेल में बंद, जानें क्या गुनाह

पाकिस्तान की चर्चित और बला की खूबसूरत मानवाधिकार वकील ईमान मजारी इन दिनों जेल में बंद हैं. अल्पसंख्यकों, पत्रकारों, बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कथित ब्लास्फेमी मामलों में फंसे लोगों की पैरवी करने वाली ईमान मजारी को “एंटी-स्टेट” सोशल मीडिया पोस्ट के आरोप में सजा सुनाई गई है. सैन्य प्रतिष्ठान की मुखर आलोचक रहीं ईमान पर साइबर टेररिज़्म और हेट स्पीच जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ईमान मजारी पाकिस्तान की पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी की बेटी हैं और तमाम दबावों के बावजूद वह अपने संघर्ष से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

बला की खूबसूरत वकील ईमान मजारी कौन?  जो पाकिस्तान की जेल में बंद, जानें क्या गुनाह
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( Image Source:  @CIVICUSalliance- X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Updated on: 26 Jan 2026 7:33 PM IST

पाकिस्तान में मानवाधिकारों की आवाज़ बन चुकीं वकील इमान मज़ारी को चुप कराने के लिए अब तक दबाव, साइबर बुलिंग और गिरफ्तारी वारंट- कुछ भी कारगर साबित नहीं हुआ है. इस सप्ताहांत सुनाई गई सजा भी उनके हौसले को तोड़ने में नाकाम रही. 32 वर्षीय इमान मज़ारी ने साफ कर दिया है कि जेल की सजा भी उनके संघर्ष को कमजोर नहीं करेगी.

जातीय अल्पसंख्यकों, पत्रकारों और ईशनिंदा के आरोपों में फंसे लोगों का पक्ष मजबूती से रखने वाली इमान मज़ारी पाकिस्तान की सबसे चर्चित और बेबाक असंतुष्ट आवाज़ों में शुमार हैं. जैसे-जैसे उनकी पहचान मजबूत हुई, वैसे-वैसे उनके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या भी बढ़ती चली गई, जिनमें 'साइबर आतंकवाद' और 'हेट स्पीच' जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.

'एंटी-स्टेट पोस्ट' मामले में 10 साल की सजा

शनिवार को इस्लामाबाद की एक अदालत ने इमान मज़ारी और उनके पति, वकील हादी अली चट्ठा, को कथित 'एंटी-स्टेट' सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई. अदालत के दस्तावेज़ों के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना की मुखर आलोचक मज़ारी ने 'बेहद आपत्तिजनक' सामग्री साझा की थी. यह सजा ऐसे समय आई जब एक दिन पहले ही दंपती को दोबारा गिरफ्तार किया गया था. वे उसी मामले में सुनवाई के लिए अदालत जा रहे थे.

अदालत में बोलीं इमान मज़ारी: 'We will not back down'

मंगलवार को अदालत में इमान मज़ारी ने कहा कि 'इस देश में सच कहना बेहद कठिन होता जा रहा है, आगे कहा कि 'लेकिन जब हमने इस काम में कदम रखा था, तभी हमें इसका अंदाज़ा था. हम इसका सामना करने के लिए तैयार हैं… और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं.' उनके इस रुख की तुलना पाकिस्तान की दिवंगत दिग्गज मानवाधिकार वकील असमा जहांगीर से की जा रही है. इस पर मज़ारी ने कहा कि यह तुलना उनके लिए “एक बहुत बड़ा सम्मान और सौभाग्य” है.

राजनीतिक और बौद्धिक विरासत से जुड़ा परिवार

इमान मज़ारी, पाकिस्तान की पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मज़ारी की बेटी हैं. उनके पिता, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, दक्षिण एशिया के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ थे. शिरीन मज़ारी ने AFP से कहा कि बेटी को मिल रही धमकियों के कारण परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन है, लेकिन उन्हें गर्व है कि उनकी बेटी “वंचित और हाशिए पर पड़े लोगों” के लिए खड़ी है. उन्होंने कहा कि 'जब इतने लोग पीड़ा झेल रहे हैं, तो हमें उम्मीद है कि मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए उसे भी पीड़ा झेलनी पड़ेगी.'

जबरन गायब किए जाने से लेकर ईशनिंदा मामलों तक

प्रो बोनो वकील के रूप में इमान मज़ारी ने पाकिस्तान के कुछ सबसे संवेदनशील मामलों में काम किया है. इनमें बलूच समुदाय के लोगों के जबरन गायब किए जाने के मामले, बलूच एक्टिविस्ट महरंग बलूच की पैरवी, ईशनिंदा के आरोपों में फंसे लोग और अफगान नागरिकों के केस शामिल हैं. पत्रकार असद अली तूर, जिनका प्रतिनिधित्व मज़ारी ने कई मामलों में किया, कहते हैं कि वह “राज्य के लिए एक लगातार चुनौती” रही हैं. उनके शब्दों में 'क्योंकि वह उन सभी लोगों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जो सीधे या परोक्ष रूप से राज्य की कार्रवाई का शिकार बन रहे हैं.'

महिला होने की कीमत: सेक्सिस्ट हमले और फर्जी तस्वीरें

एडिनबर्ग विश्वविद्यालय से पढ़ी इमान मज़ारी को अपने काम के साथ-साथ सोशल मीडिया पर सेक्सिस्ट टिप्पणियों और छेड़छाड़ की गई तस्वीरों का भी सामना करना पड़ा. पाकिस्तान जैसे देश में, जहां कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी पहले से ही कम है, यह चुनौती और भी बड़ी हो जाती है.

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी मिली पहचान

साल 2025 में इमान मज़ारी को World Expression Forum द्वारा Young Inspiration Award से सम्मानित किया गया था. उन्हें यह सम्मान “कानून के शासन और न्याय के लिए असाधारण साहस और ईमानदारी” के लिए दिया गया. इसी साल, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार रक्षकों पर विशेष दूत ने कहा था कि मज़ारी के खिलाफ दर्ज मामले “उन्हें डराने और परेशान करने के लिए कानूनी व्यवस्था के मनमाने इस्तेमाल” को दर्शाते हैं.

सेना के निशाने पर भी रहीं मज़ारी

जनवरी 2026 में पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मज़ारी के X पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि'वे लोकतंत्र और मानवाधिकारों की आड़ में आतंकवाद को बढ़ावा देने का काम करते हैं. संघर्ष जारी रहेगा, इन तमाम आरोपों और सजा के बावजूद इमान मज़ारी का कहना है कि वह और उनके पति संघर्ष जारी रखेंगे. उन्होंने AFP से कहा कि 'हम इस देश में गैरकानूनी तरीके से जेल में डाले जाने वाले पहले लोग नहीं हैं… हम लड़ाई जारी रखेंगे.'

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