7 दिनों से लापता छात्र की मिली नदी में लाश, परिजनों ने जताई हत्या की साजिश- रहस्यमयी मौत से मचा हड़कंप
बांग्लादेश के नाओगांव जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र का शव नदी से बरामद किया गया. छात्र बीते एक सप्ताह से लापता था. शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और परिवार ने मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
बांग्लादेश के नाओगांव जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र का शव नदी से बरामद किया गया. छात्र बीते एक सप्ताह से लापता था. शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और परिवार ने मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मामला हादसा है या इसके पीछे कोई साजिश है.
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है. हाल के दिनों में कई हिंदू नागरिकों की हिंसक मौत के मामलों ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है.
नदी किनारे मिला शव, कपड़ों से हुई पहचान
स्थानीय मीडिया द डेली अग्रजात्रा प्रतिदिन के मुताबिक, शनिवार दोपहर नाओगांव शहर के कालीतला श्मशान घाट के पास एक नदी से युवक का शव बरामद किया गया. शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन बाद में उसकी पहचान अभि के रूप में हुई, जो जिले के एक सरकारी कॉलेज में मैनेजमेंट विभाग का चौथे वर्ष का छात्र था. अभि, बोगुरा जिले के आदमदिघी उपजिला के संताहर निवासी रमेश चंद्र का बेटा था. परिवार के अनुसार, 11 जनवरी को घर में हुए एक विवाद के बाद वह बाहर निकला था, जिसके बाद से लापता हो गया.
सोशल मीडिया से परिवार तक पहुंची खबर
शव मिलने की सूचना सोशल मीडिया पर फैलते ही अभि का परिवार नदी किनारे पहुंचा. परिजनों ने बताया कि अभि के कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की गई, जो उसने घर से निकलते वक्त पहने थे. बीते सात दिनों से परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था.
हादसा या हत्या? उठ रहे सवाल
अभि की मौत को लेकर परिवार और स्थानीय लोगों ने संदेह जताया है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो आदमदिघी थाने में जनरल डायरी (GD) दर्ज कराई गई थी. नाओगांव सदर थाने के प्रभारी नियामुल इस्लाम ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी.
अल्पसंख्यकों पर हमलों की पृष्ठभूमि में मामला
यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंता गहराती जा रही है. हाल ही में भारत ने भी बांग्लादेश सरकार से सांप्रदायिक हिंसा पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, “हम अल्पसंख्यकों, उनके घरों और व्यवसायों पर लगातार हो रहे हमलों का एक परेशान करने वाला पैटर्न देख रहे हैं.”
नाओगांव जिले में ही हाल के दिनों में कई हिंदू नागरिकों की हिंसक मौत की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे अभि की मौत को लेकर भी संदेह और गहरा गया है. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. सवाल यही है कि क्या अभि की मौत एक हादसा थी, या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी है? इस रहस्यमयी मौत ने एक बार फिर बांग्लादेश में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है.





