BRICS के इकोनॉमिक फोरम में व्यापार बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और वैश्विक आर्थिक दबाव से निपटने पर जोर दिया गया. भारत इस मंच पर अमेरिका, रूस और चीन के साथ संतुलन बनाते हुए अपने आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए BRICS के बीच वैकल्पिक पेमेंट सिस्टम और स्थानीय करेंसी में व्यापार जैसे विकल्पों पर चर्चा अहम है. चीन के साथ भारत के बड़े व्यापार घाटे और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत में अहम रह सकते हैं. इकोनॉमिस्ट डॉ. शरद कोहली के मुताबिक, BRICS तेजी से एक महत्वपूर्ण आर्थिक मंच बन रहा है, जहां वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन से जुड़े फैसलों का असर सदस्य देशों के साथ पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.