राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने वाले वे 8 लोग कौन? अनुपम और लवकुश गिरफ्तार, 10 Point में जानिए Full Details
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में SIT रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई है. केस में 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है.
उत्तर प्रदेश के अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान को लेकर सामने आए कथित गबन मामले में अब जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है. SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर राम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज कर ली गई है. इस केस में 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है. दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई अन्य से पूछताछ जारी है. आइए जानते हैं इस पूरे मामले की 10 बड़े अपडेट जानते है...
1. आखिर क्या है राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला?
राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर शिकायतें सामने आई थीं. आरोप है कि मंदिर में आने वाले धन और सामान के प्रबंधन में अनियमितताएं हुईं, जिसके बाद जांच की मांग उठी.
2. किसकी शिकायत पर दर्ज हुई FIR?
यह FIR श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है. शिकायत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की थी.
3. FIR में किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, साजिश और गबन से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.
4. FIR में कौन-कौन हैं नामजद आरोपी?
FIR में जिन 8 आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं-
- अविनाश शुक्ला
- अनुकल्प मिश्रा
- मनीष यादव
- रामाशंकर मिश्रा
- रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू
- सुभाष चंद्र
- करुणेश पांडेय
- एक अन्य आरोपी (नाम की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार)
इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.
5. अब तक कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई?
पुलिस ने इस मामले में अब तक-
- अनुकल्प मिश्रा
- लवकुश मिश्रा को गिरफ्तार किया है. दावा किया जा रहा है कि इनके पास से कथित तौर पर रकम भी बरामद की गई है.
6. छह अन्य लोग पुलिस हिरासत में
सूत्रों के मुताबिक, मामले में छह अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां धन के प्रवाह और नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं.
7. SIT जांच क्यों बनाई गई थी?
13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. आरोप था कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं.
8. कैसे राजनीतिक मुद्दा बन गया मामला?
यह विवाद तब राष्ट्रीय चर्चा में आया जब समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये गायब होने की खबरें सामने आ रही हैं और अदालतों को इसका संज्ञान लेना चाहिए.
9. अखिलेश यादव ने जांच पर क्या सवाल उठाए?
FIR दर्ज होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि "छोटी मछलियां फंसेंगी और बड़ी मछलियां बच जाएंगी." उन्होंने SIT की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और निष्पक्ष जांच की मांग की.
10. VHP ने क्या जवाब दिया?
विवाद बढ़ने पर Alok Kumar ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं. उनका कहना था कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यह मुद्दा उछाला जा रहा है.
अब आगे क्या?
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गबन का नेटवर्क कितना बड़ा था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा चढ़ावे से जुड़ी राशि या सामान का इस्तेमाल कैसे किया गया. आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे हो सकते हैं.




