ACP भगत सिंह का यौन उत्पीड़न करने वाला वीडियो AI Generated? कौन है वह शख्स जिसे पुलिस ने मेवात से दबोचा, लगा गंभीर इल्जाम
दिल्ली पुलिस ने ACP विवेक भगत का कथित फर्जी AI वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में 24 साल के युवक को मेवात से गिरफ्तार किया है. जानें कौन है आरोपी, वीडियो कैसे वायरल हुआ और पुलिस अब किन पहलुओं की जांच कर रही है.
दिल्ली पुलिस ने 24 साल के एक युवक को कथित तौर पर फर्जी AI वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. इस वीडियो में ऐसा दिखाया गया था कि Assistant Commissioner of Police (ACP) विवेक भगत एक महिला का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं.
दरअसल ये मामला तब आया जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हो रहे थे. इस दौरान आरोप लगा कि ACP विवेक भगत ने एक महिला पत्रकार का यौन उत्पीड़न किया. इस मुद्दे को कई राजनीतिक पार्टियों ने जोरदार तरीके से उठाया और साथ ही सीजेपी पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था.
क्या लगा आरोप?
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी नसीम अहमद अमीन ने एक एडिटेड और फर्जी वीडियो तैयार किया था. इस वीडियो को CCTV फुटेज जैसा दिखाया गया था. इसमें पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को एक महिला के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार करते हुए दिखाया गया था.
वीडियो में ACP विवेक भगत की तस्वीर, उनका नाम और पद भी इस्तेमाल किया गया था. इससे ऐसा दिखाया गया कि वीडियो में नजर आ रहा पुलिस अधिकारी विवेक भगत ही हैं. पुलिस के मुताबिक, यह दावा गलत था.
एसीपी भगत का वीडियो वायरल..
पुलिस ने बताया कि यह वीडियो Instagram और Facebook Reels के जरिए फैलाया गया था, जो तेजी से वायरल हो गया. इस मामले में 4 अक्टूबर को नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई.
कौन है गिरफ्तार किया गया आरोपी?
जांच के दौरान पुलिस ने उस Instagram अकाउंट की पहचान की, जिसका इस्तेमाल वीडियो फैलाने के लिए किया गया था. इसके बाद पुलिस ने इस अकाउंट को नसीम अहमद अमीन तक ट्रेस किया. पुलिस के मुताबिक, नसीम अहमद अमीन हरियाणा के पलवल का रहने वाला स्वतंत्र पत्रकार है. उसे 5 अक्टूबर को हरियाणा के मेवात इलाके से गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने बताया कि अमीन एक Instagram न्यूज हैंडल चलाता है. यह हैंडल अप्रैल 2026 में बनाया गया था और इसके करीब 24 हजार सब्सक्राइबर हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपी 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है. वह सात भाइयों में छठे नंबर पर है. उसके पिता सरकारी उर्दू लेक्चरर के पद से रिटायर हुए हैं.
पुलिस को फोन से क्या मिला?
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया. इस फोन में वही Instagram अकाउंट लॉग-इन था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी वीडियो फैलाने के लिए किया गया था. पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन में फर्जी वीडियो से जुड़ी सामग्री और एक तस्वीर भी मिली है.
दिल्ली पुलिस अब इस मामले की आगे जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर फैलाने में आरोपी के अलावा कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं. इसके साथ ही पुलिस वीडियो के लिए फंडिंग के स्रोत की भी जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान इस वीडियो को फैलाने के पीछे कोई बड़ी और पहले से बनाई गई साजिश थी.




