121 मैच, 194 विकेट और इकोनॉमी 5.07... फिर भी कुलदीप यादव को वनडे में क्यों नहीं खिला रही भारतीय टीम? 5 बड़े कारण
121 वनडे में 194 विकेट और 5.07 की शानदार इकोनॉमी के बावजूद कुलदीप यादव लगातार भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं. उन्हें प्लेइंग-11 में नहीं शामिल किया जा रहा है. आइए, इसकी 5 प्रमुख वजह जानते हैं...
कुलदीप यादव
भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से टी-20 के बाद वनडे सीरीज में भी हार का सामना करना पड़ा. मेजबान टीम ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की. इस सीरीज में भारतीय स्क्वाड में शामिल सभी खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिला, सिवाय कुलदीप यादव के... इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर कुलदीप यादव को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है. क्या वनडे टीम में उनकी जगह नहीं बनती या विदेशी धरती पर टीम मैनेजमेंट उन्हें प्लेइंग 11 में शामिल कर रिस्क नहीं लेना चाहती...
तीसरे वनडे में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम 4 पेसरों और अक्षर पटेल के रूप में एकमात्र स्पिन-ऑलराउंडर के साथ उतरी, लेकिन फिर भी हार का सामना करना पड़ा. जसप्रीत बुमराह की गैर-मौजूदगी में भारतीय गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखाई दी, जो बुमराह के रहते हुए दिखाई देती है. इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों, जैकब बेथेल और बेन डकेट ने भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया. कोई भी गेंदबाज अपना असर नहीं छोड़ सका. इसका असर यह हुआ कि पहला विकेट 31वें ओवर की पहली गेंद पर गिरा, जब इंग्लैंड का स्कोर 192 रन था.
एक भी बार जो रूट को आउट नहीं कर पाए भारतीय गेंदबाज
हालांकि, इसके बाद दूसरे विकेट के लिए भी भारतीय गेंदबाजों को लंबा इंतजार करना पड़ा. डकेट और रूट के बीच 80 गेंदों में 101 रन की पार्टनरशिप हुई. जो रूट को इस सीरीज में एक भी बार भारतीय गेंदबाज आउट नहीं कर पाए. रूट और बटलर ने अंतिम 3 ओवरों में टी-20 से भी ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी की तीसरे विकेट के लिए महज 19 गेंदों में 63 रन जोड़ दिए. यही रन भारतीय टीम के लिए हार का बड़ा कारण बने.
इंग्लैंड की तरफ से रखे गए 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 360 रन ही बना सकी और उसे 27 रन से हार का सामना करना पड़ा. अगर गेंदबाजी मजबूत होती तो भारतीय टीम के तीन ओवर में 20 से ज्यादा की औसत से रन न लुटाने पड़ते. ऐसे में सवाल है कि आखिर कुलदीप यादव को प्लेइंग 11 में शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है....
कुलदीप यादव को क्यों नहीं खिला रही भारतीय टीम?
भारतीय टीम में कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 में लगातार मौका न मिलने का मुख्य कारण टीम मैनेजमेंट की 'बल्लेबाजी की गहराई' पर जोर देने की रणनीति है, जिसके तहत वे विशेषज्ञ स्पिनर के बजाय ऑलराउंडरों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
कुलदीप को न खिलाने की 5 प्रमुख वजहें
- ऑलराउंडर्स को प्राथमिकता: कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर की रणनीति निचले क्रम में बल्लेबाजी को मजबूत करने की है. इसके चलते अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को ज्यादा तरजीह मिल रही है.
- तेज गेंदबाजों पर अत्यधिक निर्भरता: टीम मैनेजमेंट अक्सर विदेशी पिचों पर स्पिनर्स की जगह अतिरिक्त तेज गेंदबाजों को मैदान में उतारने का फैसला करता है, जिससे कुलदीप को टीम में जगह नहीं मिल पाती.
- पिच की स्थिति और रक्षात्मक रवैया: टीम का मानना है कि कई विदेशी पिचों (जैसे इंग्लैंड) से स्पिनर्स को ज्यादा मदद नहीं मिलती है. कप्तान गिल के अनुसार, स्पिनरों के महंगे साबित होने पर टीम रक्षात्मक हो जाती है, इसलिए वे तेज गेंदबाजों के साथ आक्रमण करना पसंद करते हैं.
- घरेलू पिचों का असर: कुछ घरेलू और विदेशी परिस्थितियों में जहां गेंद टर्न नहीं होती, वहां टीम मैनेजमेंट कुलदीप के 'रिस्ट स्पिन' के बजाय स्पिन-ऑलराउंडर्स से किफायती गेंदबाजी और बल्लेबाजी का दोहरा फायदा उठाना चाहता है.
- टीम संयोजन की मजबूरी: अक्षर पटेल के बाएं हाथ के स्पिनर होने और बल्लेबाजी में गहराई देने के कारण, टीम के संयोजन में दूसरे मुख्य स्पिनर के लिए जगह बनाना मुश्किल हो जाता है.
आखिरी बार विदेशी जमीन पर कब खेले थे कुलदीप?
आखिरी बार विदेशी जमीन पर कुलदीप यादव को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 25 अक्तूबर 2025 को खेलने का मौका मिला. उस मैच में उन्होंने 10 ओवर में 50 रन देकर 1 विकेट लिया था.
कुलदीप यादव ने आखिरी वनडे कब खेला था?
कुलदीप यादव को आखिरी बार 17 जून 2026 को लखनऊ में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में प्लेइंग 11 में शामिल किया गया था. उस मैच में उन्होंने 10 ओवर में 42 रन दिए थे. हालांकि, उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. इससे पहले, जनवरी में हुई न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू सीरीज में कुलदीप ने 3 विकेट चटकाए. उन्होंने पहले वनडे में 52, दूसरे वनडे में 82 और तीसरे वनडे में 48 रन देकर 1-1 विकेट लिए.
क्या बोले कैफ और अश्विन?
- पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने कुलदीप के लगातार चयन न होने पर बेहद कड़ा और निराशाजनक बयान दिया है. उन्होंने कहा, "कुलदीप यादव को अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने और अपना बैग पैक करने के बारे में सोचना चाहिए."
- कैफ ने सवाल उठाया कि टीम में जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के न होने के बावजूद भी कुलदीप को मौका नहीं मिला. इसके कारण लॉर्ड्स वनडे में भारत का गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से एकतरफा और बिना किसी विविधता के नजर आया.
- कैफ का मानना है कि वनडे क्रिकेट में कुलदीप के 194 विकेट के शानदार रिकॉर्ड का टीम मैनेजमेंट के लिए अब कोई महत्व नहीं रह गया है
- पूर्व ऑफ स्पिनर आर. अश्विन ने कहा कि लगातार इस तरह से प्लेइंग-11 से बाहर रखे जाने से किसी भी बेहतरीन गेंदबाज की लय और आत्मविश्वास पूरी तरह से टूट सकता है. उन्होंने टीम मैनेजमेंट के 'नंबर 7 तक बल्लेबाजी' वाले पुराने बचाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मैच में नंबर 8 पर अर्शदीप सिंह बल्लेबाजी कर रहे थे और बुमराह भी मौजूद नहीं थे, तो कुलदीप के लिए दुख होना स्वाभाविक है.
- अश्विन का साफ कहना है कि भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए कुलदीप को लगातार खेलने के अवसर देने चाहिए. विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में दो फिंगर-स्पिनिंग ऑलराउंडरों के संयोजन के साथ जाना सही रणनीति नहीं होगी.
कुलदीप यादव का वनडे करियर
कुलदीप यादव ने अब तक 121 मैचों की 118 पारियों में 194 विकेट चटकाए हैं. उनकी इकोनॉमी भी 5.07 की रही. 25 रन देकर 6 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. कुलदीप ने 2 बार 5 विकेट, जबकि 26 बार 3 विकेट लेने का कारनामा किया.
कुलदीप यादव ने पहला ODI कब खेला?
कुलदीप यादव ने पहला ODI पोर्ट ऑफ स्पेन में 25 जून 2017 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला. इस मैच में उन्होंने 50 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे. इस सीरीज में कुल 4 वनडे मैच में कुलदीप ने 8 विकेट लिए थे.
कुलदीप यादव ने कब खेला था IPL का पहला मैच?
कुलदीप यादव ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 13 अप्रैल 2016 को अपना आईपीएल डेब्यू किया था. कोलकाता के ईडन गार्डन में खेले गए इस मैच में उन्होंने 37 रन देकर 1 विकेट लिए थे. उन्हें इस सीजन केवल 3 मैच खेलने को मिले, जिसमें उन्होंने 6 विकेट चटकाए.




