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इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 3-0 से धोया, फिर भी इस टेस्ट सीरीज से दोनों टीमों को क्या मिला? 10 Points में समझिए

इंग्लैंड ने पाकिस्तान को आखिरी टेस्ट में 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से क्लीन स्वीप कर ली. सीरीज में रज़ाउल्लाह की डेब्यू पर 81 रन की तूफानी पारी और मोहम्मद अब्बास के शानदार प्रदर्शन पाकिस्तान के लिए बड़ी सकारात्मक बातें रहीं.

England Complete 3-0 Test Series Sweep Over Pakistan as Root and Cox Seal Victory
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( Image Source:  England Cricket )

England Vs Pakistan Test Series: इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की टेस्ट सीरीज 3-0 से जीतकर क्लीन स्वीप कर लिया. आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान ने एक समय इंग्लैंड को डराया जरूर, लेकिन जो रूट और जॉर्डन कॉक्स की साझेदारी ने इंग्लैंड को 8 विकेट से जीत दिला दी. पाकिस्तान की तरफ से डेब्यूटेंट रज़ाउल्लाह ने 81 रन की शानदार पारी खेलकर खूब सुर्खियां बटोरीं.

इस सीरीज की खास बात यह रही कि पाकिस्तान की टीम कई बार संकट में आने के बावजूद पूरी तरह बिखरी नहीं, जबकि इंग्लैंड ने दबाव वाले मौकों पर ज्यादा मजबूती दिखाई. यही वजह है कि सीरीज का स्कोर भले 3-0 रहा, लेकिन दोनों टीमों की कहानी सिर्फ जीत और हार की नहीं रही.

1. इंग्लैंड ने कैसे 3-0 से सीरीज जीती?

इंग्लैंड ने तीनों मैचों में पाकिस्तान से बेहतर क्रिकेट खेली और मुश्किल परिस्थितियों में ज्यादा तेजी से संभला. आखिरी टेस्ट में भी पाकिस्तान ने दूसरी पारी की शुरुआत में दो विकेट जल्दी लेकर उम्मीद जगाई, लेकिन रूट और कॉक्स ने मैच अपने हाथ से निकलने नहीं दिया. रूट ने 62 और कॉक्स ने 59 रन की नाबाद पारी खेली.

2. आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान ने वापसी कैसे की?

पाकिस्तान दूसरी पारी में 8 विकेट गंवाने के बाद बेहद मुश्किल स्थिति में था और ऐसा लग रहा था कि पारी जल्दी खत्म हो जाएगी. लेकिन रज़ाउल्लाह और मोहम्मद अब्बास ने नौवें विकेट के लिए 121 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया और पाकिस्तान को 129 रन की बढ़त दिला दी. इससे टीम पारी की हार से बच गई.

3. रज़ाउल्लाह की पारी इतनी खास क्यों है?

21 साल के रज़ाउल्लाह ने टेस्ट डेब्यू पर 81 रन बनाए और बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने 9 छक्के लगाए, जो टेस्ट डेब्यू पर किसी बल्लेबाज की एक पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्कों में शामिल हैं.

4. क्या रज़ाउल्लाह ने रिकॉर्ड भी बनाया?

हां. रज़ाउल्लाह टेस्ट डेब्यू पर अर्धशतक बनाने और 4 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले पाकिस्तान के सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बने. उनसे पहले 1982 में ताहिर नक़्क़ाश ने श्रीलंका के खिलाफ ऐसा किया था.

5. पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या क्या रही?

पाकिस्तान की बल्लेबाजी में कई खिलाड़ियों ने शुरुआत तो की, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाए. पूरी सीरीज में एक भी बल्लेबाज शतक नहीं लगा सका. यही वजह है कि अच्छी शुरुआत के बावजूद टीम कई मौकों पर बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही.

6. बाबर आजम ने क्या माना?

कप्तान बाबर आजम ने माना कि टीम को बैठकर अपनी गलतियों की समीक्षा करनी होगी और अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से सही प्लेइंग इलेवन तैयार करनी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियां बल्लेबाजों के लिए मुश्किल थीं और टीम ने नए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देने की कोशिश की.

7. इंग्लैंड की सबसे बड़ी ताकत क्या रही?

इंग्लैंड की गेंदबाजी इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत रही. खासकर ओली रॉबिन्सन ने शानदार प्रदर्शन किया और तीन टेस्ट की सीरीज में 21 विकेट लेकर दमदार वापसी की. जेमी स्मिथ और जॉर्डन कॉक्स जैसे विकेटकीपरों ने भी टीम की गहराई दिखाई.

8. जो रूट के लिए कैसी रही सीरीज?

दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड के सबसे अनुभवी बल्लेबाज जो रूट का घरेलू समर व्यक्तिगत तौर पर बहुत शानदार नहीं रहा. उन्होंने 6 टेस्ट में 335 रन बनाए, औसत 33.5 रहा और एक भी शतक नहीं लगाया. इसके बावजूद निर्णायक मौकों पर उनकी बल्लेबाजी टीम के लिए बेहद उपयोगी रही.

9. इंग्लैंड के लिए यह जीत क्यों अहम है?

इंग्लैंड ने 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को दूसरी बार 3-0 से क्लीन स्वीप किया. इससे पहले 2022-23 में भी उसने यही कारनामा किया था. टीम के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब वह एक नए दौर की तरफ बढ़ रही है और आगे दक्षिण अफ्रीका में उसे बिल्कुल अलग परिस्थितियों का सामना करना होगा.

10. इस सीरीज से पाकिस्तान को क्या सीख मिली?

पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू रज़ाउल्लाह जैसी नई प्रतिभा का उभरना रहा. मोहम्मद अब्बास ने भी अनुभव के दम पर टीम को कई मौके दिए, लेकिन टीम को शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी, मौकों को भुनाने और परिस्थितियों के हिसाब से सही टीम संयोजन पर गंभीरता से काम करना होगा.

कैसा रहा अंतिम टेस्ट

  • एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो सही साबित हुआ.
  • पाकिस्तान की पहली पारी महज 133 रन पर सिमट गई. उसके 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए.
  • वहीं, इंग्लैंड ने 453 रन बनाकर 320 रन की बड़ी बढ़त हासिल की. उसके पांच बल्लेबाजों ने फिफ्टी जड़ी.
  • एमिलियो गे ने 60, हैरी ब्रूक ने 75, डैन लॉरेन्स ने 65, जेमी स्मिथ ने 69 और ओली रॉबिन्सन ने 50 रन बनाए.
  • पाकिस्तान की ओर से रजाउल्लाह ने 4, जबकि मोहम्मद अली और मोहम्मद इमरान रंधावा ने 2-2 विकेट हासिल किए. वहीं, एक विकेट मोहम्मद अब्बास को मिला.
  • पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए, जिसमें अजान अवैस के 59, शान मसूद के 95, बाबर आजम के 76 और रजाउल्लाह के 81 रन शामिल हैं
  • पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने 130 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे उसने 24.2 ओवर में 2 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया.
  • इस तरह पाकिस्तान को 8 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा. इससे पहले, लीड्स में टीम को पारी और 103 रन, जबकि लॉर्ड्स में 194 रनों से हार का सामना करना पड़ा था.
  • लॉरेन्स को प्लेयर ऑफ द मैच, जबकि ओली रॉबिन्सन और मोहम्मद अब्बास को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया.

इंग्लैंड ने सीरीज 3-0 से जीत ली, लेकिन पाकिस्तान ने आखिरी टेस्ट में यह दिखा दिया कि उसके पास नई प्रतिभा मौजूद है. रज़ाउल्लाह की 81 रन की पारी और अब्बास की बल्लेबाजी भविष्य के लिए उम्मीद देती है, जबकि इंग्लैंड को इस सीरीज से एक मजबूत और दबाव झेलने वाली टीम के रूप में आत्मविश्वास मिला है.

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