केरल में कहां है Sabarimala Temple, किसकी होती पूजा, कब कर सकते दर्शन, लिया जाता है 41 दिन का ऐसा प्रण
दक्षिण भारत के घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित सबरीमाला श्री धर्म शास्ता मंदिर प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. इस मंदिर में भगवान अयप्पा की पूजा की जाती है.
केरल में कहां है सबरीमाला मंदिर
केरल के पथानामथिट्टा जिले की पहाड़ियों में स्थित सबरीमाला श्री धर्म शास्ता मंदिर देश के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है. यहां भगवान अयप्पा की पूजा की जाती है और हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा कर दर्शन के लिए पहुंचते हैं. घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच बसा यह मंदिर आस्था और तपस्या का अनोखा संगम है.
सबरीमाला की यात्रा को खास बनाता है यहां का 41 दिन का व्रत (व्रतम), जिसे श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाते हैं. हालांकि. यह मंदिर पूरे साल नहीं खुला होता है.
कहां है सबरीमाला मंदिर?
सबरीमाला श्री धर्म शास्ता मंदिर केरल के पथानामथिट्टा जिले में स्थित है. यह मंदिर पश्चिमी घाट की पहाड़ियों में लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर बसा हुआ है. मंदिर के चारों ओर घने जंगल और पेरियार टाइगर रिज़र्व का क्षेत्र फैला हुआ है, जिससे इसकी प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है. हर साल करीब 1 से 1.5 करोड़ श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े तीर्थ स्थलों में गिना जाता है.
किसकी होती है इस मंदिर में पूजा?
इस मंदिर में भगवान अयप्पा की पूजा की जाती है, जिन्हें “श्री धर्म शास्ता” भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान अयप्पा भगवान शिव और भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार के पुत्र माने जाते हैं. कहा जाता है कि राक्षसी महिषी का वध करने के बाद भगवान अयप्पा ने इसी स्थान पर तपस्या की थी. तभी से यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया. आज भी श्रद्धालु यहां आने से पहले 41 दिनों का व्रत (व्रतम) रखते हैं, जिसमें अनुशासित जीवन, सात्विक भोजन और नियमित पूजा शामिल होती है.
कब खुलता है मंदिर
सबरीमाला मंदिर पूरे साल खुला नहीं रहता, बल्कि विशेष अवसरों पर ही दर्शन के लिए खोला जाता है.
- मंडला कालम (Mandala Pooja): नवंबर से दिसंबर के बीच, लगभग 41 दिनों तक
- मकरविलक्कु (Makaravilakku): दिसंबर के अंत से जनवरी बीच तक आप इस मंदिर के दर्शन कर सकते हैं.
- विशु और अन्य विशेष दिन: अप्रैल और हर मलयालम महीने के शुरुआती 5 दिन यह मंदिर खुलता है.
- इन समयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए पहले से योजना बनाना जरूरी होता है.
दर्शन और पूजा का समय
जब मंदिर खुला होता है, तो सुबह तड़के लगभग 3 से 5 बजे के बीच “निर्मल्य दर्शन” के साथ पूजा शुरू होती है और रात करीब 10 से 11 बजे तक मंदिर खुला रहता है. विशेष अवसरों जैसे मंडला पूजा और मकरविलक्कु के दौरान मंदिर के समय को भीड़ के अनुसार बढ़ाया भी जाता है. ऐसे समय में दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग (वर्चुअल क्यू) कराना बेहतर रहता है.
दिल्ली से कैसे पहुंचें सबरीमाला
दिल्ली से मंदिर पहुंचने के लिए आप कोच्चि (Cochin International Airport) या तिरुवनंतपुरम (Trivandrum Airport) तक फ्लाइट ले सकते हैं. कोच्चि से पंबा (बेस कैंप) की दूरी लगभग 160 किमी है. वहीं, तिरुवनंतपुरम से करीब 185 किमी है. एयरपोर्ट से टैक्सी या बस के जरिए पंबा पहुंचा जा सकता है.
बाय ट्रेन कैसे जाएं सबरीमाला मंदिर?
दिल्ली से चेंगन्नूर (Chengannur) या कोट्टायम (Kottayam) रेलवे स्टेशन तक ट्रेन ली जा सकती है.
चेंगन्नूर को सबरीमाला का मुख्य गेटवे माना जाता है.
यहां से बस या टैक्सी से पंबा पहुंचना आसान है.
क्या है 41 का व्रत?
ऐसा कहा जाता है कि तीर्थयात्रियों को सबरीमाला मंदिर जाने से पहले 41 दिनो तक ब्राहृचर्य का पालन करना पड़ता है. ऐसे में अगर आप इस मंदिर के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो सही समय, यात्रा मार्ग और नियमों की जानकारी पहले से जरूर रखें, ताकि आपकी यात्रा सुखद और सफल हो सके.




