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कितनी खतरनाक है जिगाना पिस्टल, जिससे टाइगर श्रॉफ पर हुआ हमला? क्यों है अपराधियों की पसंद, पहले भी कई बड़े मामलों में आया नाम

टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में तुर्किये की जिगाना पिस्टल बरामद हुई है. जानिए इस पिस्टल की खासियतें, अपराधियों के बीच इसकी चर्चा और किन मामलों में इसका जिक्र आ चुका है.

कितनी खतरनाक है जिगाना पिस्टल, जिससे टाइगर श्रॉफ पर हुआ हमला? क्यों है अपराधियों की पसंद, पहले भी कई बड़े मामलों में आया नाम
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मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले की जांच में नया खुलासा हुआ है. पुलिस ने कथित हमले में इस्तेमाल की गई तुर्किये में बनी जिगाना पिस्टल और एक देसी पिस्तौल बरामद की है. दोनों हथियारों के साथ 10 जिंदा कारतूस भी मिले हैं. इसके साथ ही एक देसी पिस्टल भी बरामद हुई है, जिससे टाइगर श्रॉफ की साइड विंडो पर फायरिंग करने की कोशिश की गई थी.

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर गुजरात में सूरत रेलवे स्टेशन के पास एक जगह से हथियार बरामद किए गए. आरोपियों ने कथित तौर पर इन हथियारों को वहां फेंक दिया था. पुलिस ने दोनों हथियारों को बैलिस्टिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेज दिया है. इस जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि क्या इन हथियारों का इस्तेमाल 18 अक्टूबर को मुंबई में हुए हमले में किया गया था.

कैसे बची टाइगर श्रॉफ की जान?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब एक हमलावर ने टाइगर श्रॉफ की कार की साइड विंडो की ओर गोली चलाने की कोशिश की, तो कथित तौर पर देसी पिस्तौल जाम हो गई. हालांकि, घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ और दोनों हथियारों की क्या भूमिका रही, इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी.

क्या पहले भी हो चुका है इस पिस्टल का इस्तेमाल?

तुर्किये में बनी जिगाना पिस्टल को लेकर जांच एजेंसियों की दिलचस्पी इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि मुंबई के कुछ दूसरे चर्चित आपराधिक मामलों की जांच में भी इसी तरह के हथियार का जिक्र सामने आया है. अक्टूबर 2024 में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले की जांच के दौरान तुर्किये में बनी एक पिस्तौल बरामद हुई थी. जांच में उस हथियार की पहचान हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार के रूप में की गई थी.

इसके अलावा, अप्रैल 2024 में सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी के मामले से भी मौजूदा घटना की तुलना की जा रही है. हालांकि, टाइगर श्रॉफ पर हमले में बरामद हथियारों और सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अलग से पुष्टि जरूरी है. अतीक अहमद पर हुई फायरिंग में भी इसी हथियार का इस्तेमाल किया गया था.

कितनी खास है जिगाना पिस्टल, क्यों होती है इसकी चर्चा?

जिगाना पिस्टल तुर्किये में बनाई जाने वाली सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल है. इस पिस्टल की ऊंचाई 144 MM, 37mm चौड़ाई और 4.5 इंच बैरल लेंग्थ है. इसे टिसास नाम की कंपनी बनाती है. इस हथियार का नाम भारत में कई आपराधिक मामलों के संदर्भ में सामने आ चुका है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत में ऐसे हथियारों का अवैध इस्तेमाल और उनकी तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रहे हैं. जिगाना पिस्टल को लेकर यह दावा भी किया जाता है कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के कुछ अपराधी इसका इस्तेमाल करते हैं.

क्यों है बदमाशों की पहली पसंद?

जिगाना पिस्टल की खूबियों को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं. इनमें फायरिंग के दौरान हथियार के जाम न होने, तेजी से कई गोलियां चलाने, कम झटका लगने और लगातार इस्तेमाल के दौरान बैरल जल्दी गर्म न होने जैसी बातें शामिल हैं. हालांकि, किसी भी पिस्तौल के जाम होने, उसकी सटीकता, फायरिंग की क्षमता और गर्म होने की स्थिति पर उसके मॉडल, रखरखाव, इस्तेमाल और अन्य तकनीकी परिस्थितियों का असर पड़ सकता है.

कितनी है कीमत?

जिगाना पिस्टल की कीमत को लेकर भी कई दावे सामने आते रहे हैं. दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत में अवैध बाजार में इसकी कीमत 6 लाख से 12 लाख रुपये तक बताई जाती है. यह भी दावा किया जाता है कि कुछ आपराधिक गिरोह ऐसे हथियारों को खरीदने के बजाय कुछ समय के लिए किराये पर लेते हैं और इसके बदले बड़ी रकम देते हैं. हालांकि, अवैध बाजार में हथियारों की कीमत का कोई एक निश्चित और आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. कीमत हथियार की उपलब्धता, सप्लाई नेटवर्क और अन्य परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है.

भारत में बैन, फिर कैसे पहुंचती है बदमाशों के हाथों में?

सुरक्षा एजेंसियों के हवाले से दी गई जानकारी में यह दावा भी किया गया है कि हथियार तस्कर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए पिस्तौल और दूसरे हथियार पंजाब तथा जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में गिराते हैं. इसके बाद इन हथियारों को दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश तक पहुंचाए जाने की आशंका जताई जाती है.

कितने लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी?

मुंबई क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के रहने वाले 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र प्रांजल ठाकरान को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है. इस मामले में गिरफ्तार होने वाला वह 11वां आरोपी है. जांचकर्ताओं को संदेह है कि उसका संबंध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क से हो सकता है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार मुंबई तक कैसे पहुंचे, उन्हें किसने उपलब्ध कराया और कथित हमलावरों ने अपनी गतिविधियों को किस तरह अंजाम दिया.

बरामद हथियारों और कारतूसों की बैलिस्टिक जांच की जाएगी. इसमें घटनास्थल से मिले खाली कारतूसों के साथ इन हथियारों का मिलान भी किया जाएगा. इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल हमले के दौरान हुआ था या नहीं.

टाइगर श्रॉफ पर कब हुआ था हमला?

18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी हुई थी. आरोप है कि हमलावरों ने अभिनेता की कार पर गोलियां चलाईं और फिर मोटरसाइकिल से फरार हो गए. इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक राहगीर के घायल होने की खबर सामने आई थी. जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के कथित इस्तेमाल की भी पड़ताल की है. आशंका है कि इन माध्यमों के जरिए अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी गई और हमले का मौका तलाशा गया.

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