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जब शिंदे के प्रोग्राम में वंदे मातरम् की जगह बजने लगा लता मंगेशकर का गाना, इतने मिनट पर खड़े रहे लोग? मचा बवाल

ठाणे के सरकारी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ की जगह लता मंगेशकर का रिकॉर्डेड गाना बजने लगा जिसके बाद अब सोशल मीडिया पर विवाद मचा हुआ है और दावे पर दावे किए जा रहे हैं इसी साथ आइए जानते हैं मामले पर अब तक क्या हुआ है?

जब शिंदे के प्रोग्राम में वंदे मातरम् की जगह बजने लगा लता मंगेशकर का गाना, इतने मिनट पर खड़े रहे लोग? मचा बवाल
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महाराष्ट्र के ठाणे में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान 'वंदे मातरम्' की जगह लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड किया गया संस्करण बजने का मामला सामने आया है. कार्यक्रम में मौजूद लोग गीत के सम्मान में करीब चार मिनट तक खड़े रहे, लेकिन बाद में पता चला कि ऑडियो को लेकर आयोजकों से चूक हुई थी.

जिसके बाद दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस गलती को लेकर माफी मांगी और इसी के साथ कहा जा रहा है कि राष्ट्रगीत और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों में ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए हालांकि माफी की पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता है.

ठाणे के सरकारी कार्यक्रम में क्या हुआ?

कार्यक्रम के दौरान जब 'वंदे मातरम्' बजाया गया तो पूरा सभागार सम्मान में खड़ा हो गया. हालांकि, जो रिकॉर्डिंग चलाई गई, उसे लेकर बाद में सवाल उठे. बताया गया कि कार्यक्रम में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित मूल ‘वंदे मातरम्’ के बजाय लता मंगेशकर की रिकॉर्डेड गाना चला दी गई. करीब चार मिनट तक लोग इसी रिकॉर्डिंग के दौरान खड़े रहे. गलती सामने आने के बाद कार्यक्रम में मौजूद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसके लिए माफी मांगी.

क्या सच में शिंदे ने मांगी माफी?

इसी के साथ सोशल मीडिया पर अब दावा किया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व वाले कार्यक्रमों में इस तरह की गलती नहीं होनी चाहिए. खासकर राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और देशभक्ति से जुड़े आयोजनों में ऑडियो और कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर पहले से पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है. इस घटना के बाद आयोजकों की तैयारी और कार्यक्रम में इस्तेमाल किए गए ऑडियो को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

‘वंदे मातरम्’ की जगह कौन सा गाना बजा?

मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम में लता मंगेशकर की आवाज वाला रिकॉर्डेड ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया था. जबकि कार्यक्रम के संदर्भ में मूल रचना के गायन की अपेक्षा की जा रही थी. यहां यह समझना जरूरी है कि लता मंगेशकर की रिकॉर्डिंग में ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति होना अपने आप में गीत के अपमान का प्रमाण नहीं है. विवाद मुख्य रूप से कार्यक्रम में अपेक्षित प्रस्तुति के बजाय दूसरी रिकॉर्डिंग चलने को लेकर है.

इसी बीच दिल्ली में भी ‘वंदे मातरम्’ पर सियासी विवाद

ठाणे की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. बीजेपी ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में गीत का पूरा संस्करण नहीं गाया गया और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की ओर से इसे रोकने का संकेत दिया गया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बताया और पार्टी से माफी की मांग की.

कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को किया खारिज

कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है. पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम में जिस तरह ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया गया, उसे गलत तरीके से विवाद का मुद्दा बनाया जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बीजेपी के हमले का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी ने जिस संस्करण को प्रस्तुत किया, उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है. ऐसे में दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है.

सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत

विवाद बढ़ने के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत किए जाने की खबर भी सामने आई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त को ‘वंदे मातरम्’ के गायन में कथित रूप से बाधा डाली गई. हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों को अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता. मामले में जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.

बंकिम चंद्र ने लिखा था ‘वंदे मातरम्’

‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी. यह उनके उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा था और बाद में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया. 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में इसे सार्वजनिक रूप से गाया गया था. गीत में संस्कृत और बंगाली भाषा का मिश्रण देखने को मिलता है. भारत में ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है. जबकि ‘जन गण मन’ राष्ट्रगान है.

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