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Explainer: आज से संसद का मॉनसून सेशन शुरू, एजेंडे में कौन से 7 बड़े बिल? NEET से इथेनॉल तक इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

आज से संसद का मॉनसून सेशन शुरू हो रहा है. जानिए सरकार के एजेंडे में शामिल 7 बड़े विधेयक कौन से हैं और NEET-UG, राम मंदिर दान विवाद और महंगाई समेत किन मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है.

Explainer: आज से संसद का मॉनसून सेशन शुरू, एजेंडे में कौन से 7 बड़े बिल? NEET से इथेनॉल तक इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
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संसद का मानसून सत्र सोमवार आज से शुरू हो रहा है. सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी टक्कर देखने को मिल सकती है. एक ओर विपक्ष कथित NEET-UG पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर दान विवाद (जिसे विपक्ष के कुछ नेता "चंदा चोरी" का मामला बता रहे हैं) पर चर्चा की मांग करेगा. वहीं, सरकार का जोर अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर रहेगा. सरकार विशेष रूप से FCRA संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक को आगे बढ़ाना चाहती है.

यह मानसून सेशन 13 अगस्त तक चलेगा. यह सेशन राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है. हाल के दिनों में विपक्षी दलों के कुछ सांसदों के NDA में शामिल होने के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन संसद में अपनी संख्या मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. वहीं, INDIA गठबंधन अपने कुछ क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच मतभेदों के कारण दबाव में नजर आ रहा है.

ऑल पार्टी मीटिंग में क्या हुआ?

रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी नेताओं ने कथित NEET-UG पेपर लीक और राम मंदिर दान विवाद पर तुरंत चर्चा कराने की मांग की. हालांकि, सरकार की ओर से साफ संकेत दिया गया कि उसकी प्राथमिकता संसद में बिल के कामों को आगे बढ़ाना है.

किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष?

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है. इनमें शामिल हैं: NEET-UG पेपर लीक, राम मंदिर दान विवाद, संस्थाओं पर कंट्रोल और राजनीतिक दल-बदल, महंगाई, विदेश नीति से जुड़े मुद्दे और एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति.

सरकार का क्या रुख रहेगा?

सरकार संसद में NEET विवाद पर अपने कदमों का बचाव कर सकती है. वहीं, अयोध्या राम मंदिर दान विवाद को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला बता सकती है. इसके साथ ही सरकार अपने प्रमुख विधेयकों को पारित कराने पर भी जोर देगी.

कौन-कौनसे बिल सरकार के एजेंडे में?

  • आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026
  • सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026
  • जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
  • राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विकास (संशोधन) विधेयक, 2026
  • विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक
  • विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक

किन लंबित बिलों पर होगी चर्चा?

सरकार पहले से लंबित कुछ विधेयकों को भी संसद में विचार के लिए ला सकती है. इनमें शामिल हैं: विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 22

इसके अलावा सरकार कुछ अध्यादेशों की जगह नए कानून भी लाने की तैयारी में है. इनमें सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों को कर छूट देने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं.

क्या इस सेशन में पेश होगा परिसीमन बिल?

मानसून सत्र के शुरुआती बिल्स प्रोग्राम में महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक शामिल नहीं है. फिर भी इसे इस सेशन के सबसे महत्वपूर्ण संभावित विधेयकों में माना जा रहा है.

इस बिल का पिछला एडिश पिछले सेशन में पारित नहीं हो सका था. प्रस्तावित कानून के तहत 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले नए परिसीमन और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव है.

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर किसी नए प्रयास से पहले व्यापक चर्चा की मांग की है. वहीं, विपक्ष के कुछ अन्य दलों ने संकेत दिया है कि यदि राज्यों के हितों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है तो वे इस प्रस्ताव का समर्थन कर सकते हैं.

स्पीकर के फैसलों पर भी रहेगी नजर

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष के उन मामलों पर फैसलों पर भी नजर रहेगी, जो तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बागी सांसदों से जुड़ी याचिकाओं से संबंधित हैं. इन फैसलों का असर संसद में NDA और विपक्ष के संख्या बल पर पड़ सकता है.

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