Begin typing your search...

26/11 के मास्टरमाइंड की उलटी गिनती शुरू, अमेरिका से आया तहव्वुर राणा; सैकड़ों लोगों के हत्यारे को क्या मिलेगी सजा?

26/11 मुंबई आतंकी हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा आखिरकार भारत लाया जा चुका है. उसे लेकर आ रहा विशेष विमान गुरुवार को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे कड़ी सुरक्षा के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुख्यालय ले जाया गया. यहां NIA और अन्य खुफिया एजेंसियां राणा से पूछताछ करेंगी और आतंकी साजिश से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशेंगी.

26/11 के मास्टरमाइंड की उलटी गिनती शुरू, अमेरिका से आया तहव्वुर राणा; सैकड़ों लोगों के हत्यारे को क्या मिलेगी सजा?
X
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 10 April 2025 10:51 PM IST

26/11 मुंबई आतंकी हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा आखिरकार भारत लाया जा चुका है. उसे लेकर आ रहा विशेष विमान गुरुवार को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे कड़ी सुरक्षा के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुख्यालय ले जाया गया. यहां NIA और अन्य खुफिया एजेंसियां राणा से पूछताछ करेंगी और आतंकी साजिश से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशेंगी. पूछताछ के बाद तहव्वुर राणा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया जाएगा, जहां उसकी सुरक्षा के लिए हाई-सिक्योरिटी इंतजाम किए गए हैं. राणा पर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आतंकी साजिश, हत्या और यूएपीए समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है. उसके भारत आने के बाद अब पीड़ित परिवारों और पूरे देश को न्याय की उम्मीद बंधी है. आइए तहव्वुर हुसैन राणा से जुड़ी अपडेट जानते हैं...

  • तहव्वुर हुसैन राणा की पहली तस्वीर भी सामने आ गई है. एनआईए ने उसकी तस्वीर जारी की है. वो बैक साइड से नजर आ रहा है. उसके बाल पूरी तरह सफेद हो चुके हैं. हालांकि जो तस्वीर जारी हुई है, उसमें उसका चेहरा नजर नहीं आ रहा है. राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है.
  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा का सफल प्रत्यर्पण अमेरिका से करवा लिया. ये कदम उस लंबे और सुनियोजित कानूनी संघर्ष का परिणाम है जो भारत ने इस खूंखार आतंकी को न्याय के कठघरे में लाने के लिए लगातार लड़ा.
  • NIA के मुताबिक, राणा को अमेरिका में न्यायिक हिरासत में रखा गया था, जहां भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई थी. सभी कानूनी विकल्पों के खत्म हो जाने के बाद आखिरकार उसका भारत प्रत्यर्पण संभव हो सका.

कैसे हुआ प्रत्यर्पण का रास्ता साफ?

  • कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 16 मई 2023 को राणा के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था. इसके खिलाफ राणा ने अमेरिका की नाइंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में कई अर्जियां दायर कीं, जिन्हें खारिज कर दिया गया. इसके बाद उसने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ‘रिट ऑफ सर्टियोरारी’, दो हेबियस कॉर्पस याचिकाएं और एक आपात अपील दाखिल की, जिन्हें भी अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया.
  • NIA के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिकी न्याय विभाग (USDoJ), यूएस स्काई मार्शल, भारतीय खुफिया एजेंसियों और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) का सक्रिय सहयोग रहा. भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी अमेरिका के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर इस मिशन को अंजाम तक पहुंचाया.
  • 26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड और भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा दिल्ली पहुंच गया है. उसे अमेरिका से extradite कर खास विमान में लाया गया.दिल्ली पहुंचते ही NIA की टीम ने उसे अपनी गिरफ्त में लिया और अब उसे तिहाड़ जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है.
  • डेविड हेडली की गवाही में साफ हुआ था कि राणा ने न केवल लॉजिस्टिक मदद दी बल्कि मुंबई हमलों की साजिश रचने में भी अहम भूमिका निभाईराणा ने ‘इमिग्रेंट लॉ सेंटर’ नाम की कंपनी खो. ल कर हेडली को भारत भेजा. उसी बहाने हेडली ने मुंबई समेत कई शहरों की रेकी की.
  • राणा ने अमेरिका की कोर्ट में बीमारियों का हवाला देकर extradition टालने की कोशिश की, लेकिन सारी याचिकाएं खारिज हो गईं. 2008 में 3 दिन तक चला मुंबई हमला 166 जिंदगियां निगल गया था. अब भारत को इंतजार है. इस खूनी खेल के खिलाड़ी को सज़ा दिलाने का.
  • महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया, 'देश पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले 26/11 के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को भारत लाया गया है. इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तहे दिल से बधाई देता हूं. करीब एक महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चर्चा हुई थी. उसके अनुसार अमेरिका ने देश के सबसे बड़े अपराधी को भारत में दाखिल किया. इसके लिए मैं विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को भी बधाई देता हूं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर हमले के लिए जिम्मेदार तहव्वुर राणा को कड़ी सजा मिलेगी.'
अगला लेख