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ISI की 'क्वीन' मैडम N कौन? ट्रैवल एजेंट की आड़ में करती थी भारतीय YouTubers को टारगेट

पाकिस्तान की लाहौर निवासी नोशाबा शहजाद उर्फ 'मैडम N' का खुलासा भारत में एक बड़े जासूसी नेटवर्क की साजिश से जुड़ा है. वह ISI के लिए काम करते हुए 500 से अधिक भारतीयों को "स्लीपर सेल" जासूस बनाने की कोशिश कर रही थी.

ISI की क्वीन मैडम N कौन? ट्रैवल एजेंट की आड़ में करती थी भारतीय YouTubers को टारगेट
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 5 Jun 2025 10:14 PM IST

भारत में गिरफ्तार हुई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति मल्होत्रा की पूछताछ से एक चौंकाने वाला राज सामने आया है. पाकिस्तान की लाहौर निवासी और 'Jaiyana Travel and Tourism' नामक ट्रैवल एजेंसी चलाने वाली महिला नुशाबा शहज़ाद असल में सिर्फ एक ट्रैवल ऑपरेटर नहीं, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाली 'मैडम N' हैं.

सूत्रों के मुताबिक, नुशाबा शहज़ाद पिछले एक साल से भारत के अंदर 500 से अधिक स्लीपर एजेंट्स का जासूसी नेटवर्क तैयार कर रही थीं. उसका टारगेट था. भारत में मौजूद हिंदू और सिख समुदाय, खासकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और धार्मिक यात्रियों को अपने जाल में फंसाना.

ज्योति मल्होत्रा को ऐसे फंसाया गया

ज्योति जैसी कई भारतीय सोशल मीडिया हस्तियों को धार्मिक पर्यटन के बहाने पाकिस्तान बुलाया गया. उन्हें VIP ट्रीटमेंट, पैसा और सम्मान दिया गया, जिससे वे पाकिस्तान की नर्म छवि को बढ़ावा दें. लेकिन असली एजेंडा था. इन लोगों के ज़रिए भारत के भीतर खुफिया सूचनाएं जुटाना.

ISI से सीधे संपर्क

नुशाबा का संपर्क सिर्फ ट्रैवल तक सीमित नहीं था. वह ISI और पाकिस्तानी आर्मी से सीधे निर्देश लेती थी. उसके पति एक रिटायर्ड सरकारी अफसर हैं, और परिवार की गहरी पकड़ पाकिस्तान की सत्ता के गलियारों में है. पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के वीजा विभाग में फर्स्ट सेक्रेटरी सुहैल क़मर और ट्रेड काउंसलर उमर शेरयार के संपर्क में थी.

जिस भी भारतीय नागरिक को वह चाहती, उसे “सिर्फ एक फोन कॉल” पर वीजा मिल जाता. यहां तक कि एक ISI एजेंट डेनिश उर्फ एहसान-उर-रहमान, जो दिल्ली स्थित पाक दूतावास में वीजा ऑफिसर था, को हाल ही में भारत से निष्कासित कर दिया गया.

तीर्थयात्रा के नाम पर जासूसी!

'Jaiyana Travel' पाकिस्तान की इकलौती एजेंसी है जो सिख और हिंदू धार्मिक यात्राएं आयोजित करती है. लेकिन इस धार्मिक दिखावे के पीछे असली मकसद था भारत में स्लीपर सेल स्थापित करना. नुशाबा ने बीते छह महीने में करीब 3,000 भारतीय और 1,500 NRI को पाकिस्तान बुलाया. इन यात्राओं के लिए मोटी फीस ली जाती थी, जिसका इस्तेमाल भारत-विरोधी प्रचार और नेटवर्क विस्तार में होता था.

दिल्ली से लेकर पंजाब तक फैला नेटवर्क

नुशाबा ने दिल्ली और अन्य शहरों में एजेंट्स की नियुक्ति भी की है जो सोशल मीडिया के जरिए उसके ट्रैवल पैकेज और "कल्चरल टूरिज्म" को प्रमोट कर रहे हैं. लेकिन हकीकत ये है कि यह एक सुनियोजित जासूसी ऑपरेशन है, जिसे ISI के संरक्षण में चलाया जा रहा था.

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