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Sanjay Leela Bhansali ने रचा इतिहास, रिपब्लिक डे 2026 की परेड में पहली बार फिल्म निर्देशक की झांकी Box Office

फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली ने गणतंत्र दिवस 2026 पर इतिहास रच दिया है. वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की ओर से पहली बार गणतंत्र दिवस परेड के लिए झांकी तैयार करने वाले निर्देशक बने हैं. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा तैयार करवाई गई इस झांकी का नाम 'भारत गाथा' है.

Sanjay Leela Bhansali ने रचा इतिहास, रिपब्लिक डे 2026 की परेड में पहली बार फिल्म निर्देशक की झांकी Box Office
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( Image Source:  ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Updated on: 26 Jan 2026 12:57 PM IST

फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) ने 2026 के गणतंत्र दिवस पर एक बहुत बड़ा और खास काम करके इतिहास रच दिया है. वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की तरफ से गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार झांकी (टैब्लो) बनाने वाले पहले निर्देशक बने हैं. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस झांकी को उनके ही हाथों तैयार करवाया था. इस झांकी का नाम है 'भारत गाथा'. यह पूरी तरह से भारतीय सिनेमा को सम्मान देने और उसकी खूबसूरती दिखाने के लिए बनाई गई है.

यह झांकी बहुत ही शानदार और भव्य तरीके से तैयार की गई है, जैसा कि संजय लीला भंसाली की फिल्मों में हमेशा देखने को मिलता है 'बड़े-बड़े सेट', 'रंग-बिरंगे कपड़े', 'खूबसूरत संगीत' और 'गहरी भावनाएं'. इस झांकी में भारत की पुरानी कहानी सुनाने की परंपरा से लेकर आज के आधुनिक सिनेमा तक का पूरा सफर दिखाया गया है यानी यह बताती है कि कैसे भारत सदियों से कहानियां सुनाता आ रहा है और आज वो कहानियां बड़े पर्दे पर दुनिया भर में देखी जा रही हैं.

बॉक्स ऑफिस झांकी

झांकी की शुरुआत बहुत सुंदर तरीके से होती है. सबसे पहले पुराने समय के ऋषि-मुनि और प्रोफेसर दिखते हैं, जो शांत और हरे-भरे प्राकृतिक माहौल में बैठे हैं. उनके सामने एक बड़ा हरा पेड़ है. यह सब भारतीय ज्ञान की शुरुआत और मौखिक परंपरा (यानी मुंह-जुबानी कहानियां सुनाने की पुरानी आदत) का प्रतीक है. 'ॐ' की ध्वनि से यह झांकी शुरू होती है, जो ज्ञान और सृजन की शुरुआत दिखाती है. फिर झांकी आगे बढ़ती है और आज के दौर में आ जाती है. यहां एक बड़ा और शानदार सिनेमाघर दिखता है, जिसके बाहर 'बॉक्स ऑफिस' का बोर्ड लगा है और 'जल्द आ रहा है' लिखा हुआ है. यह सुनहरा और भव्य थिएटर जैसा लगता है, जिसमें बड़े-बड़े स्तंभ हैं. आसपास पुराने फिल्मी कैमरे, बड़ी-बड़ी फिल्म रीलें और अन्य पुराने फिल्म उपकरण सजाए गए हैं. एक बहुत बड़ा सुनहरा मूवी कैमरा भी रखा है, जो फिल्म निर्माण की याद दिलाता है.

श्रेया घोषाल दी आवाज

झांकी पर रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े पहने कलाकार नाचते-गाते दिखते हैं. इनमें नारंगी और लाल रंग के खूबसूरत लिबास हैं, जो भारतीय संस्कृति की झलक देते हैं. पूरी झांकी के नीचे अशोक स्तंभ की इमेज है और हिंदी में मंत्रालय का नाम लिखा हुआ है. यह सब मिलकर भारत की पुरानी सांस्कृतिक धरोहर को उसके आज के फिल्म इंडस्ट्री से जोड़ता है. इस झांकी में म्यूजिक का भी खास रोल है. मशहूर सिंगर श्रेया घोषाल ने इसमें एक खास गाना गाया है, जिसे संजय लीला भंसाली ने ही तैयार करवाया है.

कौन हैं संजय लीला भंसाली

संजय लीला भंसाली भारत के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित फिल्म निर्देशक, निर्माता, स्क्रीनराइटर, संगीतकार और एडिटर में से एक हैं. वे हिंदी सिनेमा में अपनी शानदार फिल्मों के लिए बहुत मशहूर हैं. उनके पिता नवीन भंसाली फिल्म प्रोड्यूसर थे, लेकिन बाद में आर्थिक परेशानियों की वजह से शराब की लत लग गई और उनकी मौत हो गई. मां लीला ने परिवार चलाने के लिए कपड़े सिलने का काम किया. संजय अपनी मां के नाम से 'लीला' जोड़कर इस्तेमाल करते हैं. संजय ने अपना करियर विधु विनोद चोपड़ा के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में शुरू किया. उनकी पहली निर्देशित फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' (1996) थी, जिसमें सलमान खान, मनीषा कोइराला और नाना पाटेकर थे. उन्होंने 'हम दिल दे चुके सनम', 'देवदास', 'ब्लैक', 'गुजारिश', 'गोलियों की रासलीला राम-लीला', 'बाजीराव मस्तानी' और 'पद्मावत' जैसी फ़िल्में बनाई है.

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