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विश्वगुरु बनना हमारी महत्वाकांक्षा नहीं, दुनिया की... ... Aaj ki Taaza Khabar: सेवा अगर बदले की उम्मीद में हो तो वह सौदा बन जाती है: मोहन भागवत- पढ़ें 28 दिसंबर की बड़ी खबरें

Published on: 2025-12-28 13:52:06

विश्वगुरु बनना हमारी महत्वाकांक्षा नहीं, दुनिया की जरूरत है: मोहन भागवत

तेलंगाना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने ‘विश्वगुरु’ की अवधारणा और तकनीक के मानवीय उपयोग को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भारत का फिर से ‘विश्वगुरु’ बनना कोई महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि आज की दुनिया की जरूरत है.

मोहन भागवत ने कहा कि हमें फिर से ‘विश्वगुरु’ बनने का काम करना होगा. यह हमारी महत्वाकांक्षा नहीं है कि हम ‘विश्वगुरु’ बनें. यह दुनिया की जरूरत है कि हम ‘विश्वगुरु’ बनें. लेकिन यह ऐसे ही नहीं बन जाता. इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. यह मेहनत कई धाराओं से हो रही है, जिनमें से एक संघ भी है. व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान देकर हम लोगों के व्यक्तित्व का विकास करते हैं और उन्हें समाज में बदलाव लाने के लिए अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में भेजते हैं. आज उनके काम की हर जगह प्रशंसा हो रही है और समाज का भरोसा उन्हें मिल रहा है."

उन्होंने तकनीक, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी बात करते हुए कहा कि आज हमें दुनिया को यह दिखाना होगा कि तकनीक आएगी, सोशल मीडिया होगा, AI आएगा, सब कुछ आएगा, लेकिन तकनीक के नकारात्मक परिणाम नहीं होंगे. तकनीक मानवता की मालिक नहीं बनेगी, बल्कि मानवता तकनीक की मालिक रहेगी. मानव बुद्धि तकनीक के उपयोग को दुनिया के कल्याण की दिशा में मार्गदर्शित करेगी. यह राक्षसी प्रवृत्तियों की ओर नहीं जाएगा, बल्कि दैवी प्रवृत्तियों की ओर जाएगा. यह कैसे होगा? हमें इसे अपने आचरण और जीवन के जरिए दिखाना होगा."

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