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बांग्लादेश में हिंदू नेता की पुलिस कस्टडी में मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंसक घटनाओं में तेज़ बढ़ोतरी के बीच अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है. हालिया दिनों में हिंदू समुदाय पर हमलों और हत्याओं की कई घटनाओं की खबरें सामने आई हैं. आरोप है कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इन घटनाओं को “प्रोपेगंडा” बताकर खारिज कर रही है. इसी पृष्ठभूमि में बांग्लादेश के मशहूर हिंदू संगीतकार और आवामी लीग के वरिष्ठ नेता प्रलय चाकी की पुलिस हिरासत में मौत ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है.
पुलिस ने 60 वर्षीय प्रलय चाकी की मौत को स्वाभाविक बताया है, लेकिन परिवार ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है. परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान प्रलय की तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्हें समय पर जरूरी मेडिकल सुविधाएं नहीं दी गईं, जिससे उनकी जान चली गई. परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इस घटना के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.

