वर्क ट्रिप पर महिला ने ऐसा क्या किया जो Sauna में सोना पड़ा, नौकरी से निकाला, अब मिलेंगे 9 अरब रुपए?
ऑस्ट्रिया में वर्क ट्रिप के दौरान कमरे की चाबी भूलने पर Shannon Burns को सॉना में रात बितानी पड़ी, जिसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. अब वह कंपनी से करीब 9 अरब रुपये के मुआवजे की मांग कर रही हैं.
काम के सिलसिले में विदेश गई एक टेक कंपनी की महिला अधिकारी के साथ ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रोजगार और दिव्यांगता से जुड़े अधिकारों पर नई बहस छेड़ दी है. मामला ब्रिटेन का है, जहां Shannon Burns नाम की टेक एग्जीक्यूटिव को वर्क ट्रिप के दौरान रात कमरे में नहीं, बल्कि सॉना में सोने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था.
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, महिला ने कंपनी पर दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कानूनी लड़ाई शुरू कर दी. अब 2026 में उन्हें £76 मिलियन से ज्यादा के मुआवजे का दावा आगे बढ़ाने की अनुमति मिल गई है. अंतिम फैसला और रकम अभी तय होना बाकी है.
आखिर सॉना में क्यों सोना पड़ा?
पूरा मामला अप्रैल 2023 का है. Shannon Burns Gitpod कंपनी में वाइस-प्रेसिडेंट ऑफ इंजीनियरिंग की पोस्ट पर थी. उनकी £220,000 सालाना सैलरी थी. वह टीम-बिल्डिंग इवेंट के लिए ऑस्ट्रिया के लोफर गई थीं. ट्रिप के दौरान कंपनी के कई स्टाफ ड्रिंक कर रहे थे और शैनन ने भी अल्कोहल पिया था. जहां शैनन अपने कमरे में नहीं जा सकीं क्योंकि उनके पास कमरे की चाबी नहीं थी. ट्रिब्यूनल में सामने आया कि उनकी ADHD की वजह से उन्हें चीजें भूलने और सामान खोने की समस्या रहती थी. कमरे में जाने का रास्ता नहीं मिलने पर उन्हें रात सॉना में बितानी पड़ी. इस घटना के बाद कंपनी में उनके बिहेवियर और काम से जुड़ी चिंताएं उठीं और कुछ समय बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया.
महिला को नौकरी से क्यों निकाला गया?
शैनन बर्न्स का कहना था कि उनकी ADHD को उनके खिलाफ कार्रवाई करते समय सही तरीके से ध्यान में नहीं रखा गया. ट्रिब्यूनल के रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने कंपनी में काम के दौरान अपने ऊपर बढ़ते दबाव की बात कही थी और ADHD कोच की मदद भी मांगी थी. बाद में हुई सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने माना कि उनकी ADHD और उससे जुड़ी भूलने की समस्या उनके साथ हुई घटना से जुड़ी थी. 2025 के फैसले में शैनन के दिव्यांगता से जुड़े भेदभाव और सही मदद न देने के दावों को कबूल किया. वहीं उनका अलग सेक्स डिस्क्रिमिनेशन का दावा खारिज कर दिया गया था.
अब क्यों मांगा जा रहा है £76 मिलियन?
नौकरी जाने के बाद शैनन ने अपने संभावित भविष्य के नुकसान का हिसाब लगाया. इसी आधार पर उनकी ओर से £76,071,992 का मुआवजा मांगा गया है. इसमें भविष्य की कमाई का नुकसान, नौकरी से जुड़े संभावित शेयर या इक्विटी का नुकसान और दूसरे कानूनी तौर पर मांगे गए मुआवजे शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दावे का बड़ा हिस्सा भविष्य में होने वाली कमाई से जुड़ा है. शैनन का कहना है कि अगर उन्हें टेक इंडस्ट्री में काम जारी रखने का मौका मिलता, तो वह लंबे समय तक अच्छी कमाई कर सकती थीं.
कंपनी का क्या है कहना
मामले की अगली सुनवाई में Gitpod ने ट्रिब्यूनल से मांग की थी कि शैनन को £1 मिलियन से ज्यादा के नुकसान का दावा करने से रोका जाए. कंपनी ने इसके लिए एक तरह का ‘डिपॉजिट ऑर्डर’ लगाने की मांग की थी. कंपनी का तर्क था कि £76 मिलियन से ज्यादा का दावा असाधारण है और इतनी बड़ी रकम की मांग के सफल होने की संभावना बहुत कम है. लेकिन रोज़गार मामलों की जज रेचल वेडरस्पून ने कंपनी की यह अर्जी खारिज कर दी. उन्होंने माना कि शैनन का पिछला वेतन काफी ज्यादा रहा है और उनके नुकसान के हिसाब में सैलरी के साथ इक्विटी का संभावित नुकसान भी शामिल है.
Gitpod क्या है?
Gitpod एक सॉफ्टवेयर कंपनी थी, जो डेवलपर्स के लिए क्लाउड आधारित डेवलपमेंट एनवायरमेंट और सॉफ्टवेयर बनाने से जुड़े टूल प्रोवाइड कराती थी. शैनन इसी कंपनी में वाइस-प्रेसिडेंट ऑफ इंजीनियरिंग के तौर पर काम कर रही थीं. उनकी नौकरी का पैकेज भी काफी बड़ा था. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें करीब £220,000 सालाना सैलरी के साथ लगभग £78,000 का सालाना बोनस मिलता था. इससे पहले वह Slack और Lyft जैसी टेक कंपनियों में भी काम कर चुकी थीं.
Gitpod का OpenAI से क्या कनेक्शन है?
यह मामला अब इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि Gitpod का कारोबार OpenAI से जुड़ चुका है. OpenAI ने जून 2026 में घोषणा की थी कि वह Ona को खरीदने जा रहा है. Ona, Gitpod के नए नाम और कारोबार से जुड़ी कंपनी है और यह सौदा OpenAI के Codex से संबंधित क्लाउड तकनीक को मजबूत करने के लिए बताया गया था. ट्रिब्यूनल की हालिया सुनवाई में कंपनी को OpenAI से जुड़े सौदे की कीमत की जानकारी शैनन को देने का आदेश भी दिया गया. सुनवाई में करीब $400 मिलियन की संभावित वैल्यू का जिक्र हुआ, हालांकि इसे अंतिम सौदा मूल्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. शैनन के पास कंपनी में करीब 0.85 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की बात भी सामने आई.
क्या शैनन को सच में मिलेंगे £76 मिलियन?
अभी ऐसा कहना सही नहीं होगा. ट्रिब्यूनल ने सिर्फ यह तय किया है कि शैनन को £76,071,992 के नुकसान का दावा आगे बढ़ाने से नहीं रोका जाएगा. इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें पूरी रकम का भुगतान करने का आदेश हो चुका है. अंतिम मुआवजा कितना होगा, यह आगे होने वाली मुआवज़े की सुनवाई में तय किया जाएगा. इससे पहले पुराने फैसले के खिलाफ चल रही अपील की प्रक्रिया भी पूरी होनी है. इसलिए फिलहाल £76 मिलियन को मांगी गई मुआवजा राशि के तौर पर समझना चाहिए, न कि तय हो चुकी पेआउट रकम के रूप में.