राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली फैसले मंत्रालयों में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में होते हैं. उनके मुताबिक मंत्री केवल नाममात्र के हैं. महत्वपूर्ण निर्णय पीएमओ से लिए जाते हैं. उन्होंने हाल में कुछ मंत्रियों के स्टाफ में हुए बदलावों को भी इसी संदर्भ में देखा. योगेंद्र यादव ने दावा किया कि सरकार के खिलाफ जन असंतोष धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जबकि कुछ मंत्रियों को उनकी राजनीतिक उपयोगिता के कारण पद पर बनाए रखा गया है. उन्होंने नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और हरदीप पुरी का उदाहरण देते हुए उनकी भूमिका पर सवाल उठाए. साथ ही उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में कई विवाद सामने आए हैं और उनकी जवाबदेही शीर्ष स्तर तक तय होनी चाहिए. यह सभी टिप्पणियां योगेंद्र यादव के व्यक्तिगत राजनीतिक विश्लेषण और आरोपों के रूप में सामने आई हैं.