इंटरव्यू में करणी सेना के पूर्व अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने कहा कि उनकी राय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत को पद छोड़ देना चाहिए. उन्होंने संघ को ईमानदार और समर्पित लोगों का संगठन बताया, लेकिन आरोप लगाया कि अब संगठन में चापलूसी बढ़ गई है. बातचीत के दौरान उन्होंने मोहन भागवत के आरक्षण और ब्राह्मणों को लेकर दिए गए पुराने और नए बयानों का जिक्र करते हुए उनके रुख में बदलाव का दावा किया. साथ ही उन्होंने संघ नेतृत्व पर पाकिस्तान को लेकर बदले हुए रुख पर सवाल उठाए और कहा कि पहले जिन्ना या पाकिस्तान की तारीफ करने वालों का विरोध किया गया, लेकिन अब पाकिस्तान से बातचीत की बात की जा रही है. उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और जसवंत सिंह का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ ऐसा ही हुआ था.वक्ता ने 1947 के विभाजन, युद्धों और शहीद सैनिकों का जिक्र करते हुए पाकिस्तान के प्रति अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वे पाकिस्तान के साथ बातचीत के पक्ष में नहीं हैं. इसके अलावा सूरजपाल अम्मू अपने विचारों को ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित बताते हुए कहा कि इस विषय पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए.