लिपुलेख पास के जरिए भारत-चीन के बीच व्यापार मार्ग जून 2026 से फिर से खोलने की तैयारी है. करीब छह साल के अंतराल के बाद इस रूट की बहाली को लेकर रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े हो गए हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि इस फैसले से जहां सीमावर्ती इलाकों में व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी इसे बेहद संवेदनशील कदम माना जा रहा है. इन्हीं सवालों पर स्टेट मिरर के संजीव चौहान ने पूर्व भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल जसिंदर सिंह सोढ़ी से खास बातचीत कर यह समझने की कोशिश की आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?