यूजीसी के नए नियमों को लेकर देश में उठ रहे विरोध के बीच कनाडा में बसे वरिष्ठ एनआरआई वकील मनीष देव मेहता ने भारतीय हुकूमत और राजनीति पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने नई दिल्ली में मौजूद स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि भारत जैसे प्रतिभाशाली देश में सुंदर पिचाई जैसे लाखों काबिल युवा मौजूद हैं, लेकिन आरक्षण, जाति और वोट बैंक की राजनीति उनके भविष्य को आग में झोंक रही है. मनीष देव मेहता ने चेतावनी दी कि अगर यही हाल रहा तो भारत का ब्रेन ड्रेन और तेज होगा और आने वाले वर्षों में देश अपने ही होनहार युवाओं के खोने का रोना रोएगा. उन्होंने दावा किया कि यूजीसी का यह 'बे-सिर-पैर का कानून' इतना कमजोर है कि सुप्रीम कोर्ट खुद केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरने वाला है.