उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के बाहर Tourist Arrival Plaza में हुए दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. 19-20 सितंबर को हुए इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सेना ने Operation Sadbhavana के तहत चमोली जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के साथ किया था. कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और सीमांत इलाकों की परंपराओं को बढ़ावा देना बताया गया था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान तेज संगीत और डांस के वीडियो सामने आने के बाद साधु-संतों और कुछ तीर्थ पुरोहितों ने इसकी जगह और स्वरूप पर सवाल उठाए. शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि हमारे लिए वह तीर्थ है, लेकिन सरकार के लिए वह पर्यटन का स्थान है. सरकार एन केन प्रकारण उससे पैसा वसूलना चाहती है. वहां विष्णु भगवान 12 महीने ध्यान की मुद्रा में रहते हैं. इसलिए वहां शंख भी नहीं बजाई जाती. वहां अश्लील नृत्य और गाने गाना बहुत ही निंदनीय है.