स्टेट मिरर हिंदी के साथ बातचीत के दौरान सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस और बीजेपी की राजनीति पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के लिए कुछ नहीं किया और इस मुद्दे पर सत्ता में रहते हुए उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए. जब उनसे पूछा गया कि सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना क्या उचित था, तो उन्होंने कहा कि इस तरह की बातों को लेकर लोगों को ज्यादा संवेदनशील नहीं होना चाहिए. हालांकि, बातचीत में उन्होंने यह भी माना कि हर बात की एक सीमा होती है. प्रोटेस्ट और सरकार के फैसलों पर चर्चा करते हुए उन्होंने आंदोलन के पीछे मिलीभगत होने का संदेह भी जताया, लेकिन इसके समर्थन में कोई स्पष्ट सबूत नहीं दिया. बीजेपी की नई टीम और पार्टी के संगठन पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह पूरी टीम पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन स्मृति ईरानी की वापसी को उन्होंने अच्छा बताया. उन्होंने आरएसएस के संगठनात्मक ढांचे को बीजेपी की मजबूती की वजह बताया और कहा कि गलतियां होने पर भी पार्टी बाद में खुद को सुधार सकती है. वहीं, नितिन गडकरी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के क्षेत्र में उन्होंने अच्छा काम किया है और वह उन्हें लंबे समय से जानते हैं. जब उनसे सड़कों पर गड्ढे होने और इथेनॉल को लेकर उठने वाले सवालों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह गडकरी को अच्छा इंसान मानते हैं और उनके इरादों पर संदेह नहीं करते. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे लोग भी गलतियां कर सकते हैं और उनसे सीख सकते हैं.