संबल में साल 2024 नवंबर में हुई हिंसा जांच मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे. अब इस आयोग ने एक रिपोर्ट सौंपी है जिसमें स्पष्ट हुआ है कि संबल का बवाल एक अचानक भड़का हुआ दंगा नहीं था, आने वाले दिनों में ये रिपोर्ट संबल की राजनीति की दिशा बदल सकती है. हिंसा के दिन दोनों वर्गों के बीच आपस में गालियां चलीं, झड़पें हुईं और पथराव के साथ-साथ अंधाधुंध फायरिंग भी की गई.