नोएडा हिंसा मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार यह घटना अचानक हुई भीड़ या विरोध नहीं था, बल्कि कथित तौर पर पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने शुरुआती जांच से जुड़े कई अहम तथ्य साझा किए, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.पुलिस के मुताबिक, भीड़ जुटाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। WhatsApp ग्रुप बनाए गए, जिनके जरिए लोगों को जुटाने और गतिविधियों को समन्वित करने की कोशिश की गई. इतना ही नहीं, कथित तौर पर QR कोड का भी इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए लोगों को जोड़ने और आयोजन की जानकारी साझा करने का काम हुआ. इस मामले में पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया है.