मुंबई मेयर का पद अब सिर्फ एक संवैधानिक या नगर निकाय पद नहीं रह गया है, बल्कि यह बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच सीधी सियासी जंग का केंद्र बन चुका है. बीएमसी में सीटों का गणित, गठबंधन की मजबूरियां, मेयर पद की प्रतीकात्मक ताकत और रोटेशन फॉर्मूला, इन सभी वजहों से यह लड़ाई बेहद अहम हो गई है. एशिया की सबसे अमीर नगर पालिका पर नियंत्रण महाराष्ट्र की राजनीति में वर्चस्व का संकेत माना जाता है, इसलिए दोनों दल किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.