2025 में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही हैं. भारत में शादी-ब्याह का सीजन, निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की तलाश, कमजोर होता अमेरिकी डॉलर और डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी आर्थिक अनिश्चितता ने बाजार में उथल-पुथल मचा दी है. वहीं वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन संकट ने भी कीमती धातुओं की मांग को तेज कर दिया है. भारत के घरों में छिपा करीब 20,000–25,000 टन सोना, अमेरिका के आधिकारिक गोल्ड रिज़र्व से कई गुना ज्यादा है। दूसरी ओर, चांदी की मांग सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और इंडस्ट्रियल यूज के कारण तेजी से बढ़ रही है, जबकि खदानों से सप्लाई और रीसाइक्लिंग दोनों ही पिछड़ रहे हैं. यही वजह है कि एक्सपर्ट्स आने वाले समय में और तेजी की चेतावनी दे रहे हैं. देखिए शरद कोहली का यह पॉडकास्ट...