ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग में अब भारत और चीन को लेकर बेहद डराने वाली खबर भी निकल कर आ रही है. इस खबर के मुताबिक चीन के साथ होने वाले भारत के निर्यात का बेड़ा गर्क हो चुका है. इसकी पुष्टि खुद भारत सरकार के केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े कर रहे हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक चीन के साथ व्यापार करने में भारत को बीते 11 महीने में करीब 100 अरब डॉलर का घाटा हो चुका है. ईरान के साथ जंग लड़ने में अमेरिका-इजराइल अगर आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहे है तब तो बात गले भी उतरती है. भारत, बिना किसी जंग के दौर से गुजरे हुए ही चतुर चीन के साथ व्यापार को लेकर अपने 100 अरब डॉलर डुबाए बैठा है, तो यह हिंदुस्तानी हुकूमत के लिए बेशक शर्म की डूब मरने वाली वजह है. आखिर चीन के साथ व्यापार में भारत की इस कदर की दुर्गति क्यों हो रही है? इस सवाल के जवाब में नई दिल्ली में मौजूद देश के मशहूर अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली ने स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान को अंदर की जो अब तक छिपी रही अनकही कहानी बयान की है, उसे सुनकर एक बात तो साफ हो जाएगी कि चीन के साथ व्यापार में भारत को होने वाला 100 अरब डॉलर के घाटे के पीछे असल वजह है मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ का बीमार और बेदम होकर हांफना.