असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज़ होती दिख रही है. इस बात को लेकर चर्चाएं ज़ोर पकड़ रही हैं कि क्या AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी असम की सियासत में कदम रखने वाले हैं और क्या उनकी एंट्री कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकती है. ये अटकलें इसलिए भी मजबूत हो गई हैं क्योंकि कांग्रेस ने AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के साथ गठबंधन से साफ इनकार कर दिया है, जिसके बाद अजमल के AIMIM के करीब जाने के संकेत सामने आ रहे हैं. अगर असम चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी और बदरुद्दीन अजमल एक ही मंच पर दिखाई देते हैं, तो इसका सीधा असर कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ सकता है. असम में मुस्लिम मतदाता लगभग 35 प्रतिशत माने जाते हैं, जिन पर अब तक कांग्रेस और AIUDF की रणनीति केंद्रित रही है. ऐसे में AIMIM की संभावित एंट्री चुनावी समीकरण को और भी पेचीदा बना सकती है और मुकाबले को त्रिकोणीय रूप दे सकती है.