एयर वाइस मार्शन ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि मौजूदा वैश्विक हालात चाहे वह अमेरिका, NATO, ईरान या यूरोप की राजनीति हो इन सबके बीच भारत, चीन और रूस की भूमिका बेहद अहम हो गई है. भारत इस समय तेजी से उभरती ताकत है और उसे अपनी आर्थिक ग्रोथ को बनाए रखते हुए संतुलित विदेश नीति अपनानी होगी. भारत का फोकस खुद को मजबूत बनाने, रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने और ऊर्जा के लिए वैकल्पिक स्रोत विकसित करने पर होना चाहिए, ताकि बाहरी निर्भरता कम हो सके. चीन जहां अपने आर्थिक और सैन्य प्रभाव को बढ़ाने में लगा है, वहीं रूस संसाधनों के बावजूद आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है. दोनों देशों के रिश्ते आपसी फायदे पर आधारित हैं, लेकिन यह भारत के लिए बड़ा खतरा नहीं बनते. भारत की रणनीति साफ होनी चाहिए. किसी एक गुट में पूरी तरह शामिल होने के बजाय अपने हितों के अनुसार सभी देशों से संतुलन बनाकर आगे बढ़ना. यही नीति भारत को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएगी.